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Delhi News: धूल की समस्या दूर करने को पूरे रिंग रोड की होगी धुलाई, एक साथ सड़कों पर उतरेगी 200 मशीनें

LHC0088 2025-12-5 04:37:12 views 968
  

रिंग रोड की धुलाई के लिए छह दिसंबर को रिंग रोड पर एक साथ उतरेंगी 200 मशीनें।



राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। लोक निर्माण विभाग ने आगामी छह दिसंबर से पूरे रिंग रोड की जेट वाशिंग यानी मशीनों से धुलाई करने का फैसला किया है। दरअसल रिंग रोड पर धूल की समस्या अधिक है। इसके बाद आउटर रिंग रोड पर भी ऐसा ही अभियान चलाया जाएगा। यह फैसला धूल प्रदूषण को कम करने को लिया गया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

सड़कों की जेट वाशिंग (सफाई) उच्च दबाव वाले पानी के जेट का उपयोग करके की जाती है जिससे सड़क पर फैली हुई गंदगी और मलबे को प्रभावी ढंग से हटाया जा सके। बुधवार को मुख्यमंत्री की प्रदूषण नियंत्रण को लेकर हुई बैठक के बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारी इस बारे में आवश्यक कदम उठा रहे हैं। दिल्ली में यह पहली बार होगा जब रिंग रोड जैसी प्रमुख सड़कों की जेट वाशिंग कराई जाएगी।

दरअसल लोक निर्माण विभाग के सड़कों की सफाई नगर निगम द्वारा मैकेनिकल स्वीपिंग मशीन द्वारा कराई जा रही है। मगर प्रदूषण को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने अपनी मेंटेनेंस वैन को भी इस कार्य में लगा रखा है जो कूड़ा, मलबा आदि सड़कों से उठा रही हैं। यह प्रक्रिया पहली बार अपनाई जा रही है। इसके लिए विभाग द्वारा एंटी स्माग गन मशीनों की तैनाती के लिए सड़कों का एरिया बांटा जा रहा है।

यहां बता दें कि प्रमुख सड़कों पर धूल बड़ी समस्या बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग के पास ही दिल्ली की सभी प्रमुख सड़के हैं। रिंग रोड और आउटर रिंग रोड ऐसे मार्ग हैं जो दिल्ली की जीवन रेखा माने जाते हैं। तेज रफ्तार वाहन जब इन सड़कों से गुजरते हैं तो उनके साथ धूल भी उड़ती है जो प्रदूषण का एक बड़ा कारण बनती है।
52 मैकेनिकल स्वीपर से होती है पीडब्ल्यूडी की सड़कों की सफाई

पीडब्ल्यूडी के 1259 किलोमीटर लंबी सड़कों की सफाई नगर निगम द्वारा जिन मैकेनिकल स्वीपर से कराई जा रही है उनकी संख्या कम है। सरकार इसे डबल करने जा रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो सफाई व्यवस्था उस तरह से नहीं हो पा रही है जिस तरह की जरूरत हैप् ऐसे में कई मुख्य सड़कों पर भी धूल नजर आती है। सरकार की सड़कों की सफाई के लिए 52 की 100 मैकेनिकल स्वीपर मशीनें लगाए जाने की योजना है।

रिंग रोड लगभग 55 किलोमीटर लंबी है और यह निगम बोध घाट से शुरू होकर शहर के कई प्रमुख हिस्सों को जोड़ती है, जिसमें एम्स, आश्रम, सराय काले खां, पंजाबी बाग और लाजपत नगर मुख्यरूप से शामिल हैं। वहीं आउटर रिंग रोड लगभग 47 किलोमीटर लंबी है। यह चंदगीराम अखाड़ा के पास से शुरू होकर कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे कनेक्शन तक जाती है। यह दक्षिणी, पश्चिमी और उत्तरी दिल्ली के प्रमुख हिस्सों को जोड़ती है।

लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरिंग इन चीफ प्रदीप गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री के द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों की अनुपालना के अनुसार जेट वाशिंग के लिए ट्रकों पर फिट एंटी स्माग गन का इस्तेमाल किया जाएगा। 200 एंटी स्माग गन छह दिसंबर से एक साथ रिंग रोड पर सड़क की धुलाई के लिए उतरेंगी।

उन्होंने कहा कि इन मशीनों में पानी छिड़काव के अलग-अलग सिस्टम हैं जिसमें एक सिस्टम सड़कों की धुलाई का भी है। इनमें लगे जेट के द्वारा सड़कों की धुलाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया आगे भी चलती रहेगी। रिंग रोड के बाद आउटर रिंग रोड पर इस प्रक्रिया को अपनाया जाएगा।
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