search

भारत और रूस रक्षा-रणनीतिक दोस्ती को देंगे मजबूती, राजनाथ सिंह ने अपने रूसी समकक्ष के साथ की बैठक

deltin33 2025-12-5 04:07:13 views 1004
  

राजनाथ सिंह ने अपने रूसी समकक्ष के साथ की बैठक (फोटो- एक्स)



संजय मिश्र, नई दिल्ली। भारत और रूस ने वैश्विक स्तर पर जारी उठापटक के इस दौर में भी अपने दशकों पुराने रणनीतिक और सामरिक सहयोग के गहरे संबंधों को आगे बढ़ाते रहने का मजबूत संदेश दिया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव की गुरुवार को हुई आपसी बैठक के दौरान भारतीय रक्षा मंत्री ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बावजूद रूस टेक्नोलाजी और रक्षा क्षेत्र में भारत का रणनीतिक साझेदार बना हुआ है। पीएम नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की द्विपक्षीय बैठकें इस विशेष खास साझेदारी को और मजबूत करेंगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

बेलौसोव के साथ भारत-रूस इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन ऑन मिलिट्री एंड मिलिट्री टेक्निकल कोऑपरेशन की 22वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करते हुए राजनाथ ने यह बात कही। समझा जाता है कि इस दौरान रूस के चर्चित एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 की नई खेप की खरीद, पांचवीं श्रेणी के फाइटर जेट एसयू-57 की खरीद और कुछ अन्य सामरिक अधिग्रहण से जुड़े मसलों पर भी चर्चा हुई।

हालांकि इस बारे में दोनों पक्षों की ओर से की कोई टीका-टिप्पणी नहीं की गई और शुक्रवार को दोनों राष्ट्रों के प्रमुखों के बीच होने वाली 23वीं सालाना शिखर वार्ता के लिए जब पीएम मोदी तथा राष्ट्रपति पुतिन मिलेंगे तो सामरिक सहयोग के इन प्रस्तावों की दशा-दिशा तय होगी।

राष्ट्रपति पुतिन के शाम राजधानी पहुंचने से कुछ घंटे पूर्व रक्षा सहयोग संबंधी आयोग की बैठक के लिए दिल्ली आए बेलौसोव तथा राजनाथ सिंह के बीच मानेकशॉ सेंटर में इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन ऑन मिलिट्री एंड मिलिट्री टेक्निकल कोआपरेशन आयोग की यह बैठक हुई।

रक्षा मंत्रालय ने इसको लेकर जारी बयान में कहा कि बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने दोहराया कि भारत-रूस के रिश्ते गहरे भरोसे, साझा सिद्धांतों और आपसी सम्मान पर आधारित हैं।

राजनाथ ने खासतौर पर रक्षा टेक्नोलाजी में सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों पर जोर दिया जो इसका संकेत है कि भारत एयर डिफेंस से लेकर अन्य प्रमुख रक्षा उपकरणों को हासिल करने के लिए उत्सुक है। बेलौसोव ने कहा कि रूस की रक्षा कंपनियां भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत लोकल प्रोडक्शन और निर्यात दोनों के लिए स्वदेशी रक्षा उद्योग के क्षमता निर्माण के लिए सरकार के इरादों से बेलौसोव को अवगत कराते हुए तकनीकी साझेदारी पर जोर दिया।

रूसी रक्षा मंत्री ने भी कहा कि दोनों देश कई सालों की दोस्ती और रणनीतिक सहयोग से जुड़े हुए हैं और हम आत्मनिर्भर भारत के विजन में उसका साथ देने को तैयार हैं। इस दौरान बेलौसोव ने राजनाथ ¨सह को 2026 में इस बैठक के लिए रूस आने का आमंत्रण भी दिया।

राजनाथ के साथ बैठक से पहले दिल्ली पहुंचने के तत्काल बाद रूसी रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर भारतीय बहादुरों को श्रद्धांजलि दी। तीनों सेनाओं की टुकड़ियों ने उन्हें गार्ड आफ आनर भी दिया।

राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी की शिखर वार्ता के बाद वैसे तो तत्काल रक्षा खरीद के किसी बड़े समझौते पर हस्ताक्षर की संभावना नहीं है मगर इसको लेकर बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ेगा, इसके पुख्ता संकेत हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी क्षमता साबित कर चुके रूसी एस-400 डिफेंस सिस्टम को भारत अपनी सीमाओं पर विस्तार देना चाहता है और इसलिए इसकी नई खेप की खरीद की चर्चा शुरू हुई है। भारत ने रूस से पहले दौर में अमेरिका के तमाम विरोध के बावजूद पांच एस-400 खरीदे थे जिसमें से अभी दो की डिलीवरी होनी है।

इन दोनों की डिलीवरी के उपरांत नई खेप की खरीद आगे बढ़ेगी। समझा जाता है कि राजनाथ-बेलौसोव बैठक के दौरान अकुला श्रेणी की परमाणु पनडुब्बी की आपूर्ति में देरी से लेकर एसयू-57 लड़ाकू जेट की खरीद जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
477705