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मध्य प्रदेश ने खोला फिल्मकारों के लिए खजाना, शूटिंग के लिए मिलेंगी ये खास सुविधाएं

LHC0088 2025-12-4 19:31:33 views 874
  

मध्य प्रदेश से जुड़ेंगे सिनेमा के तार (फोटो क्रेडिट- फेसबुक)



एंटरटेनमेंट ब्यूरो, मुंबई: पिछले कुछ वर्षों से मध्य प्रदेश शूटिंग के लिए अहम स्थान बनता जा रहा है। ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक प्रवृष्टि होमबाउंड से लेकर लापता लेडीज, स्त्री फिल्में, पंचायत वेब सीरीज को मध्य प्रदेश में विभिन्न जगहों पर फिल्माया गया। अब इसे फिल्मांकन हब और पर्यटन स्थल बनाने के उद्देश्य से बुधवार को मुंबई में फिल्म निर्माता और निर्देशकों के साथ एक राउंड टेबल किया गया। जहां निर्देशक सुधीर मिश्रा, अभिषेक चौबे, निर्माता मोनिशा आडवाणी समेत कई लोग मौजूद रहे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
शूटिंग के लिए बेस्ट लोकेशन

इस चर्चा में विभिन्न फॉर्मेट में शूट किए जाने वाले कंटेंट के लिए मध्य प्रदेश सरकार, पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने कई प्रोत्साहन उपायों की घोषणा की। उन्होंने फिल्म पर्यटन पालिसी के 2.0 वर्जन के बारे में बात करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में कई सुंदर लोकेशन हैं, जो हर प्रकार के विषयों के लिए सही हैं। मध्य प्रदेश सुरक्षित और साफ-सुथरा राज्य है, यहां हिंदी के साथ क्षेत्रीय भाषाओं और हॉलीवुड की फिल्में बनाने वाले लोग यहां आकर शूटिंग कर सकते हैं।

  

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हमारे पास कई लुभावने प्रविधान हैं, जो समयपरक हैं। हम फिल्मकारों को सुविधाएं और वित्तीय सहायता दे रहे है, जिससे वे आरामदायक तरीके से शूटिंग कर पाएंगे और मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक विशेषताएं को देश-विदेश तक पहुंचाएंगे। कला से जुड़े वहां के नौजवानों को भी मौका मिलेगा। फिल्म से पर्यटन बढ़ेगा। फिल्में बनेंगी तो आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सम्राट विक्रमादित्य, रानी दुर्गावती, रानी अहिल्याबाई जैसी मध्य प्रदेश की महान विभूतियां, जिन्होंने भारतीय संस्कृति को उच्चतम शिखर तक पहुंचाया है, उन पर फिल्म बनाने वालों को अतिरिक्त इन्सेटिव दिया जाएगा। पहली बार शार्ट फिल्म को भी इस पालिसी में जोड़ा गया है।

  

क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्में बनाने वालों को भी आमंत्रित किया गया है। उन्हें भी विशेष सुविधाएं दी गई हैं। मध्य प्रदेश फिल्म टूरिज्म पालिसी 2020 (संशोधित 2025) के तहत उन फिल्मों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा, जो क्षेत्रीय भाषाओं, जैसे मालवी, बुंदेलखंडी, बघेलखंडी, निमाड़ी, गोंडी, भीली, कोरकू आदि को प्रमुखता से प्रस्तुत करेंगे। फिल्म एकेडमी और फिल्मसिटी अगर कोई बनाना चाहता है, तो उसके लिए भी 30 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी का प्रविधान रखा गया है। प्रोजेक्ट अगर बड़ा है, तो उसके लिए जमीन भी दी जाएगी। सब्सिडी की उच्चतम सीमा 90 करोड़ रुपये रखी गई है।
अतिरिक्त सुविधाएं और प्रोत्साहन


  • - मध्य प्रदेश में शूट की गई फीचर फिल्मों को दो करोड़ रुपये तक या लागत का 25 प्रतिशत या एमपी में किए गए खर्च का 75 प्रतिशत (जो भी कम हो) दिया जाएगा।

  • - वेब सीरीज और टीवी शो के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तक या लागत का 25 प्रतिशत प्रोत्साहन मिलेगा।

  • - डाक्यूमेंट्री के लिए 40 लाख रुपये तक या उसकी लागत का 50 प्रतिशत तक प्रोत्साहन दिया जाएगा।

  • - शार्ट फिल्मों के लिए 15 लाख रुपये तक या लागत का 50 प्रतिशत या मध्य प्रदेश में किए गए खर्च का 75 प्रतिशत (जो भी कम हो)

  • - अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के लिए यह प्रोत्साहन 10 करोड़ रुपये तक या राज्य में फिल्मांकन पर किए गए खर्च का 10 प्रतिशत तक होगा।

  • - महिला क्रू को 25 लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे।

  • - मध्य प्रदेश के पर्यटन को प्रमोट करने वाली फिल्मों को अतिरिक्त 50 लाख रूपये दिए जाएंगे।

  • - स्थानीय कालाकारों को लेने पर 50 लाख रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

  • - सिंगल सिनेमाहॉल बनाने के लिए 25 प्रतिशत या 75 लाख रुपये तक दिए जाएंगे।

  • - मौजूदा सिनेमाघरों को अपग्रेड करने के लिए 25 प्रतिशत या 50 लाख रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा।


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