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संचार साथी एप पर विपक्ष के हंगामे के बाद बोले सिंधिया- यूजर कभी भी कर सकते हैं डिलीट

Chikheang 2025-12-3 01:38:46 views 1202
  



जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मोबाइल फोन में संचार साथी एप को अनिवार्य रूप से प्री इंस्टॉल करने के निर्देश के खिलाफ विपक्ष के मुखर विरोध के बाद केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि यह अनिवार्य नहीं होगा।

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा कि मोबाइल यूजर चाहे तो अपनी मर्जी से इस एप को डिलीट कर सकता है। उनके अनुसार,  यह एप पूरी तरह स्वैच्छिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा है। यूजर चाहें तो एप को सक्रिय कर इसका लाभ ले सकते हैं और न चाहें तो वे किसी भी समय इसे अपने फोन से आसानी से डिलीट कर सकते हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
कितने दिनों में कंपनियां सौंपेगी रिपोर्ट?

संचार मंत्रालय ने सभी फोन निर्माता कंपनियों को सोमवार को हैंडसेट की बिक्री से पहले उसमें संचार साथी एप अनिवार्य रूप से डालने का निर्देश दिया था। अगले 90 दिनों में इस निर्देश का पालन किया जाना है और अगले 120 दिनों में कंपनियां इस बारे में मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट देंगे। विपक्ष ने संचार साथी एप से लोगों की निगरानी व जासूसी करने का आरोप लगाया है।
विपक्ष क्यों कर रहा विरोध?

सिंधिया ने कहा कि देश के हर नागरिक की डिजिटल सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। संचार साथी एप का उद्देश्य है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी निजता की रक्षा कर सके और ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रह सके। इस उद्देश्य से वर्ष 2023 में संचार साथी पोर्टल लांच किया गया था और इस साल के आरंभ में संचार साथी एप लांच किया गया।

उन्होंने बताया कि अब तक 20 करोड़ लोग संचार साथी पोर्टल का उपयोग कर चुके हैं और 1.5 करोड़ से अधिक यूजर्स इस एप से जुड़े हुए हैं। संचार साथी की मदद से अब तक 26 लाख मोबाइल फोन ट्रेस हुए हैं। इनमें 7.23 लाख मोबाइल फोन यूजर्स को लौटाए जा चुके हैं। इस एप पर फोन के चोरी होने पर शिकायत करने और फोन को ब्लाक करवाने की सुविधा है। जैसे ही कोई व्यक्ति उस चोरी के फोन में सिम डालेगा, उसका अलर्ट पुलिस को व यूजर को आ जाता है।

संचार साथी की मदद से अब 50 लाख फर्जी मोबाइल कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इस एप पर आपके नाम पर कितने सिम कार्ड जारी हो चुके है, इसकी जानकारी हासिल करने की भी सुविधा है। अगर आपकी जानकारी के बगैर सिम कार्ड जारी हुए है तो आप उसे बंद करवा सकते हैं।

इसके तहत ही 50 लाख कनेक्शन काटे जा चुके हैं। मोबाइल फोन के हैंडसेट की सत्यता भी इस एप पर जांची जा सकती है। इसके तहत 6.2 लाख मोबाइल फोन हैंडसेट ब्लाक किए गए हैं।

यह भी पढ़ें- ‘संचार साथी जबरदस्ती नहीं, चाहें तो डिलीट करें’, जासूसी विवाद पर सरकार की सफाई
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