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स्क्रीन पर वीडियो vs. हाथ में कार्ड: निमंत्रण की दुनिया में तकनीक और परंपरा की खींचतान

Chikheang 2025-12-1 11:06:55 views 1018
  

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र



जागरण संवाददाता, बरेली। बदलते सामाजिक परिवेश के बावजूद शहर में रिश्ते और दोस्ती में मिठास अभी भी बरकरार है। हालांकि, भागदौड़ भरी जिंदगी और व्यस्तता के कारण लोगों का आपस में मिलना-जुलना कम हो गया है। इस जीवन शैली का असर अब निमंत्रण देने के तरीके पर भी दिखाई देने लगा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

शादी, जन्मदिन, गृह प्रवेश और नामकरण जैसे आयोजनों के लिए भी लोग अब डिजिटल निमंत्रण का सहारा ले रहे हैं। फोन करके इन डिजिटल संदेशों को ही व्यक्तिगत निमंत्रण के रूप में स्वीकार करने का आग्रह भी कर रहे हैं। आजकल फोन पर संदेश देखिए तो एक वीडियो दिखाई देने लगा है, जिसमें किसी करीबी की शादी का निमंत्रण होता है। संगीत संग वर-वधु के फोटो संग वीडियो हल्दी, संगीत, शादी और विदाई आयोजन की समय सारिणी के बारे में जानकारी मिलती है।

इन्हें डिजिटल कार्ड कहा जाने लगा है। निमंत्रण कार्ड विक्रेताओं का मानना है कि धीरे-धीरे डिजिटल निमंत्रण का चलन और बढ़ेगा, लेकिन ये प्रिंटेड कार्ड की जगह पूरी तरह से नहीं ले पाएंगे। प्रिंटेड कार्ड को लोग आज भी अपने बेहद करीबियों को देना पसंद करते हैं, क्योंकि वे इन्हें असली निमंत्रण पत्र की मान्यता देते हैं।
वर-वधु का बनता है कैरिकेचर

डिजिटल निमंत्रण को अधिकतर हाई प्रोफाइल लोग प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि वे आसानी से लोगों को आमंत्रित कर सकें। यह चलन शहर के सामाजिक ताने-बाने में तकनीक के बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाता है। बाजार में डिजिटल निमंत्रण पत्र 500 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक की कीमत में तैयार हो रहे हैं। अधिक कीमत वाले डिजिटल निमंत्रण में वर-वधु का कैरीकेचर बनाया जाता है।

इसमें बैकग्राउंड में संगीत चलता है और छोटी-छोटी बारीकियों पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है। इसके विपरीत, प्रिंटेड कार्ड की कीमत आठ रुपये प्रति कार्ड से शुरू होकर 500 रुपये तक जाती है। महंगे प्रिंटेड कार्ड में विशेष प्रकार के कागज का उपयोग होता है और उनकी डिजाइन खास होती है। उनका प्रस्तुतीकरण विशेष होता है और उन्हें खोलने पर एक आकर्षक लुक मिलता है।

  

  


डिजिटल निमंत्रण का तेजी से चलन बढ़ा है। हालांकि अधिकतर हाई प्रोफाइल लोग ही इन्हें प्राथमिकता दे रहे हैं। यह आकर्षक होते हैं, जिन्हें लोग वाट्सएप पर कुछ सेकेंड्स में देख सकते हैं। वहीं, लोगों को व्यक्तिगत रूप से मिलने की जरूरत भी नहीं होती।

- नीरज गुप्ता, कार्ड व‍िक्रेता


  

  


डिजिटल कार्ड की मांग बढ़ी है, लेकिन प्रिंटेड कार्ड अब भी आगे है। लोग करीबियों को प्रिंटेड कार्ड देना ही पसंद कर रहे हैं। डिजिटल निमंत्रण सीमित लोगों को दिया जा रहा है। इसका आयोजन के रिमाइंडर के रूप में भी इस्तेमाल हो रहा है।

- आनंद मोहन सिंह, कार्ड कारोबारी





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