search

यूपी में कोडीन युक्त सीरप की अवैध बिक्री में एफएसडीए अधिकारियों की होगी जांच, गिर सकती है गाज

LHC0088 2025-11-27 13:07:20 views 723
  



राज्य ब्यूरो, लखनऊ। कोडीन युक्त सीरप के अवैध कारोबारियों के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के सहायक आयुक्तों और औषधि निरीक्षकों की संदिग्ध भूमिका की जांच की तैयारी है। कानपुर के सहायक आयुक्त और औषधि निरीक्षक को पहले ही हटाया जा चुका है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

जल्द ही वाराणसी में लाखों रुपये के कोडीन युक्त सीरप के अवैध भंडारण, ड्रग लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद बिक्री और अन्य किसी के लाइसेंस पर कारोबार के मामले में अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की जांच होगी।

11 नवंबर को कानपुर में एफएसडीए आयुक्त रोशन जैकब द्वारा बड़े पैमाने पर कोडीन युक्त सीरप के अवैध भंडारण और बिक्री पकड़ी जाने के बाद कानपुर मंडल के सहायक आयुक्त औषधि दिनेश कुमार तिवारी और कानपुर नगर की औषधि निरीक्षक रेखा सचान को हटाते हुए मुख्यालय से संबद्ध किया जा चुका है।

इसके बाद 15 नवंबर को आयुक्त के नेतृत्व में वाराणसी में 73.30 लाख रुपये की कोडीन युक्त सीरप जब्त की गई थी। 20 एफआइआर की गई और छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जांच होने तक 46 दवा की दुकानों पर कोडीन युक्त सीरप और नार्कोटिक्स दवाएं बेचने पर रोक लगा दी गई थी।

वाराणसी के दवा बाजार से पूर्वांचल के जिलों सहित बिहार, झारखंड तक दवाओं के वैध-अवैध कारोबार और बांग्लादेश तक कोडीन युक्त सीरप को भेजने के सुराग मिले हैं। नशे के लिए कई गुणा अधिक दामों पर बिक्री के कारण बड़े पैमाने पर लोगों को संलिप्तता मिली।

कई दवा प्रतिष्ठान सीरप की बिक्री का अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर पाए। नौ फर्म बंद मिलीं लेकिन उनके अवैध बिलों से सीरप की बिक्री पाई गई। ऐसी फर्म मिलीं, जो केवल कोडीन युक्त सीरप का ही कारोबार करती थी।

एफएसडीए के अधिकारियों को इसकी जानकारी न होना संदिग्ध माना जा रहा है। आयुक्त जैकब का कहना है कि कोडीन युक्त सीरप के अवैध कारोबार के खिलाफ जांच चल रही है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
165658