LHC0088 • 2025-11-27 03:07:09 • views 1190
यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय सेमेस्टर सिस्टम में संचालित होने वाले स्नातक कोर्स के लिए इंटर्नशिप पालिसी जारी करेगा। स्नातक कोर्स के पांचवें सेमेस्टर में छात्र-छात्राओं के लिए इंटर्नशिप अनिवार्य की गई है। इसके लिए चार क्रेडिट अनिवार्य किए गए हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
निदेशालय स्तर पर बुधवार को पटना में नैड, एबीसी व स्नातक में इंटर्नशिप पालिसी पर चर्चा की गई। सबसे पहले नैड व एबीसी पर तकनीकी सत्र का आयोजन हुआ। इसके बाद स्नातक में विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप पालिसी पर चर्चा की गई। तय हुआ कि सभी विश्वविद्यालय जल्द इंटर्नशिप पालिसी की सभी माडलिटीज तय करते हुए इसे लागू करेंगे। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में जल्द ही इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार की जाएगी।
निदेशालय स्तर पर कार्यक्रम में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से डीएसडब्ल्यू डा.आलोक प्रताप सिंह, परीक्षा नियंत्रक डा.राम कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए। डीएसडब्ल्यू डा.आलोक प्रताप सिंह ने इंटर्नशिप पालिसी पर विचार रखे। कहा कि आफलाइन व आनलाइन दोनों मोड में होगा।
आफलाइन मोड में इंडस्ट्री और एनजीओ में इंटर्नशिप की जा सकेगी। विश्वविद्यालय की ओर से इंटर्नशिप प्रोवाइडर संस्थानों की सूची तैयार होगी। इसमें निजी से लेकर सार्वजनिक क्षेत्र में अवसर मिलेगा। नीति आयोग में इंटर्नशिप का अवसर भी प्राप्त होगा। विश्वविद्यालय की ओर से ऐसे संस्थानों की सूची तैयार की जाएगी।
इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थियों की मेंटरिंग होगी। इसका मूल्यांकन होगा। इंटर्नशिप की समाप्ति प्रेजेंटेशन से होगा। स्नातक के पांचवें सेमेस्टर में कुल चार क्रेडिट का निर्धारण किया गया है। डीएसडब्ल्यू ने इंटर्नशिप पालिसी में एकरूपता लागू करने की मांग की है। उन्होंने परीक्षा व मूल्यांकन में भी एकरूपता की बात कही है।
दूसरी ओर नैड व एबीसी आइडी कार्य पूरा करने का निर्देश भी सभी विश्वविद्यालयों को दिया गया। तय हुआ है कि वर्ष 2024 में जारी परिणाम का पूरा रिकार्ड 30 नवंबर तक पोर्टल पर अपलोड करना है। वहीं पूर्व के सत्रों के छात्र-छात्राओं का भी रिकार्ड अपलोड करना है।
दूसरी ओर ला से लेकर बीएड जैसे कोर्स में जिनका संचालन वार्षिक मोड में किया जा रहा है और उनका पाठ्यक्रम अपडेट नहीं है तो ऐसी स्थिति में उनका क्रेडिट कैसे अपलोड होगा। इसको लेकर भी मार्गदर्शन मांगा गया है। नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के अनुसार इन कोर्स का पाठ्यक्रम तैयार होगा। इसके बाद उनका क्रेडिट अपलोड होगा। |
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