search

हॉकी इंडिया लीग की वापसी से खुश हैं सरदार सिंह, युवाओं के लिए बेहतरीन मंच करार दिया

Chikheang 2025-11-27 01:42:38 views 1234
  

सरदार सिंह



स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्‍तान सरदार सिंह हॉकी इंडिया लीग में सूरमा हॉकी क्‍लब के कोच और मेंटर की भूमिका में नजर आएंगे। सरदार सिंह का मानना है कि हॉकी इंडिया लीग से अगली पीढ़ी को सीखने के लिए काफी कुछ मिलेगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

सरदार सिंह ने हॉकी इंडिया लीग के बारे में बात करते हुए कहा, \“सबसे बड़ा फायदा खिलाड़‍ियों के लिए एक्‍सपोजर है। जब हम पहले जर्मनी या ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते थे, तो विश्व कप या ओलंपिक के दौरान ही चार साल में एक बार भिड़ते थे। हमें उनकी ताकत या कमजोरियों का पता नहीं होता था।\“

उन्‍होंने साथ ही कहा कि \“मगर अब परिदृश्‍य बदला है। विदेशी खिलाड़ी यहां आकर कुछ समय बिताते हैं, जिससे हमारे युवाओं को ट्रेनिंग से लेकर कई चीजों को सीखने का मौका मिलता है। एचआईएल युवाओं को अमूल्य अनुभव देती है और खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी को तैयार करने में मदद करती है।\“

सरदार सिंह की कोशिश सूरमा हॉकी क्लब में काम, सीख और अनुशासन की संस्कृति बनाने की है। उन्‍होंने कहा, \“हर मैच कठिन होगा। हमें सभी खिलाड़ियों के लिए अवसर बनाने और एक इकाई के रूप में काम करने की जरूरत है। मैदान पर निर्णय लेना महत्वपूर्ण होगा। हम अपने पेनल्टी कॉर्नर को बेहतर बनाने और कोच की रणनीतियों का बारीकी से पालन करने पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे। विचार एक टीम के रूप में एक साथ बढ़ने और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का है।\“

सरदार सिंह ने पिछले कुछ समय में भारतीय हॉकी की प्रगति पर खुशी जाहिर की। पूर्व भारतीय कप्‍तान ने कहा, \“हम एक इकाई के रूप में मजबूत हुए हैं। पहले, टीम को 4-5 बेहतरीन खिलाड़ी संभालते थे, लेकिन अब हर खिलाड़ी लगभग उसी स्तर पर प्रदर्शन करता है। ट्रेनिंग की तीव्रता में सुधार हुआ है। एक टूर्नामेंट जीतने के लिए, आपको हर किसी को 80-90% पर प्रदर्शन करने की ज़रूरत होती है, और अब यही हो रहा है। समग्र मानक ऊपर उठा है, और यह एक बड़ी सकारात्मक बात है।\“

युवाओं को सीख देते हुए सरदार सिंह ने कहा, \“मैंने अपने 12-13 साल के खेलने के करियर के दौरान अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। वह चरण शानदार था, लेकिन अब मैं एक कोच के रूप में अपनी भूमिका का आनंद ले रहा हूं। मैं अभी भी सीख रहा हूं कि खिलाड़ियों को कैसे संभालना है, उन्हें आगे बढ़ने में कैसे मदद करनी है, और इस नई भूमिका में खुद को कैसे विकसित करना है। हर दिन नए सबक लेकर आता है, और यही मुझे प्रेरित रखता है।\“

यह भी पढ़ें- भारतीय हॉकी के 100 साल पूरे होने का मनाया जश्न, खेल मंत्री और हॉकी इंडिया एकादश के बीच हुआ मुकाबला

यह भी पढ़ें- पाकिस्‍तान की गुजारिश को नजरअंदाज कर किया गया जूनियर हॉकी वर्ल्‍ड कप से बाहर, FIH ने किया विकल्‍प के नाम का एलान
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
150030

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com