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जम्मू-कश्मीर में नशाखोरी पर लगाम: 20,617 दवा दुकानों पर CCTV, 35 का लाइसेंस रद

Chikheang 2025-11-25 10:37:07 views 658
  

प्रदेश में सीसीटीवी की निगरानी में दवा की दुकानें। सांकेतिक तस्वीर



राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में नशे पर रोक लगाने की दिशा में दवा की दुकानों पर सीसीटीवी स्थापित करना सुनिश्चित बनाया जा रहा है। ड्रग व फूड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन का दावा है कि प्रदेश में 20617 दवा की दुकानों पर सीसीटीवी स्थापित कर दिए गए हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

दुकानदारों से डाक्टर की पर्ची के बिना कोई भी नशा संबंधी दवा देने से मना किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।  

ड्रग और फूड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में जम्मू संभाग में 8653 दुकानों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। इसमें जम्मू जिले में सबसे अधिक 3367 दुकानों पर सीसीटीवी लगे हैं।

वहीं कश्मीर में 11964 दुकानों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। यहां सबसे अधिक राजधानी श्रीनगर जिले में 2705 और अनंतनाग में 2769 दुकानों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में भी दुकानों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं।  

अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया एक वर्ष से अधिक समय से चल रही है। मुख्य सचिव अटल् डुल्लू ने सभी दवा की दुकानों पर सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद लगभग सभी दुकानों में अब सीसीटीवी लगा दिए गए हैं।

विभाग की टीमें नियमित रूप से इन दुकानों का निरीक्षण कर रही हैं। सभी दुकानों पर दवा बेचने का पूरा रिकार्ड कंप्यूटर में रखना अनिवार्य है। लोगों को कंप्यूटरीकृत बिल ही दिए जा रहे हैं।

अधिकारियों का दावा है कि सीसीटीवी लगने से अब नशे को बढ़ावा देने वाली दवाओं की बिक्री नहीं हो रही है। अगर कहीं से शिकायत मिलती है तो दुकानदार का लाइसेंस रद कर दिया जाता है।
35 दुकानों के लाइसेंस रद

ड्रग और फूड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन ने एक अभियान चलाकर अब तक 35 दुकानों के लाइसेंस रद कर दिए हैं। इनमें श्रीनगर जिले में सबसे अधिक 14 दुकानें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अनंतनाग जिले में छह, राजौरी में पांच, जम्मू में एक, बडगाम में एक दुकान शामिल है। अन्य कई जिलों में भी दुकानों के लाइसेंस रद किए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर में बढ़ी है नशे की समस्या

जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों में नशे की समस्या तेजी से बढ़ी है। इसकी चपेट में आकर हजारों युवा नशे की दल दल में फंस गए हैं। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अस्पतालों में अभी तक उपचार के लिए 33205 रोगियों को पंजीकृत किया।

नशा मुक्ति केंद्रों पर 112884 परामर्श सत्र आयोजित किए गए हैं। ड्रग और फूड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन ने करीब चालीस लाख रुपयों की अवैध दवाएं जब्त की हैं।
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