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बरेली के 126 गांवों को टीबी मुक्त कराने की दौड़ में विभाग: 17,780 मरीज चिह्नित, 115 ग्राम पंचायतें मानकों पर खरी

LHC0088 2025-11-19 03:36:55 views 717
  

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र



जागरण संवाददाता, बरेली। जिला क्षय रोग विभाग इस साल 126 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त कराने की दिशा में दौड़ लगा रहा है। इन पंचायतों की स्क्रीनिंग 31 दिसंबर तक होनी है। हालांकि विभाग के लिए राहत की बड़ी बात ये है कि अब तक 115 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त कार्यक्रम के तहत दो बिंदुओं पर खरा भी उतर चुकी हैं। बाकी चार को भी पूरा कराने की कवायद चल रही है। हालांकि 11 पंचायतों की अभी स्क्रीनिंग बाकी है। इसे भी जल्द पूरा करने का दावा किया जा रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

जिला क्षय रोग विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में अब तक 17,780 टीबी के मरीज मिले हैँ। सरकार से जो लक्ष्य मिला था, वह संख्या 15,780 ही थी। यानी लक्ष्य से करीब 111 प्रतिशत ज्यादा टीबी रोगी मिले हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इसमें से तमाम मरीज दूसरे जिलों के भी थे। इसलिए जिले में टीबी रोगियों की तादाद 16 हजार के इर्द-गिर्द ही है।

विभाग हर साल टीबी मुक्त कार्यक्रम के तहत कुछ 1188 ग्राम पंचायतों में उन्हें चिह्नित करती हैं, जहां टीबी के ज्यादा मरीज मिले हैं। इस तरह यहां इस साल के लिए 126 ग्राम पंचायतों को सूचीबद्ध किया गया है। विभाग इसे लेकर राहत में है कि इसमें से 115 ग्राम पंचायतों ने टीबी मुक्त होने की श्रेणी को पार कर लिया है।

इसमें पहला एक हजार की आबादी में कम से कम 30 जाचें होनी चाहिए और दूसरा वहां शून्य से लेकर अधिकतम एक केस होने चाहिए। ये दो अहम पैरामीटर पूरा करना ही बड़ा माना जा रहा है। अभी 11 पंचायतों की स्क्रीनिंग होनी बाकी है। यह रिपोर्ट 31 दिसंबर तक तैयार होनी है। इस बीच अगर टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों में कोई नया केस मिल जाता है तो वहां तो इसका बदलाव करना विकल्प में शामिल है।
ये तय किए गए हैं मानक

राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री ने वर्ष-2025 टीबी उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी क्रम में टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम को देशभर में लागू किया गया है। किसी भी पंचायत को टीबी मुक्त घोषित करने के लिए भारत सरकार द्वारा छह मानदंड लागू किए गए हैं, जिसके तहत प्रति 1000 की जनसंख्या पर 30 जांचें होना। प्रति 1000 की जनसंख्या पर एक रोगी या उससे कम, ग्राम पंचायत की उपचार सफलता दर (एक वर्ष पूर्व की) 85 प्रतिशत से अधिक हो।

ग्राम पंचायत में उपचार ले रहे क्षय रोगियों की यूडीएसटी 60 प्रतिशत से अधिक हो और सभी क्षय रोगियों को निक्षय पोषण योजना के तहत प्रथम किस्त का लाभ प्रदान किया गया हो। जो ग्राम पंचायतें उक्त मानदंड को पूरा करती हैं, वह टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के लिए अपना दावा प्रस्तुत कर सकती हैं।

  


चिह्नित ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त कराने का अभियान चल रहा है। इस बार 126 ग्राम पंचायतों में टीबी मरीजों को चिह्नित करने के लिए सरकार से तय छह मानकों के आधार पर स्क्रीनिंग कराई जा रही है। फाइनल रिपोर्ट 31 दिसंबर तक पूरी की जाएगी।

- इंतेजार हुसैन, जिला क्षय रोग अधिकारी



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