deltin33 • 2025-11-19 02:07:19 • views 879
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। PTI
राज्य ब्यूरो, पटना। नई सरकार के शपथ के एक दिन पूर्व यानी बुधवार को कई महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधियां होंगी। सबसे पहले भाजपा और जदयू विधायक दल की अलग-अलग बैठक होगी। इसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नीतीश कुमार को फिर से एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाएगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
नेता चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री राजभवन जाकर नई सरकार के गठन का दावा करेंगे। नीतीश कुमार 10वीं बार 20 नवंबर को गांधी मैदान में दिन के डेढ़ बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को पटना आएंगे।
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को ही पटना पहुंचेंगे। भाजपा ने एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों-उप मुख्यमंत्रियों के अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं कई केंद्रीय मंत्रियों को आमंत्रित किया है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दो उपमुख्यमंत्रियों के अलावा करीब 20 मंत्रियों के साथ शपथ ग्रहण करेंगे। इनमें भाजपा, जदयू के अलावा लोजपा (रा), हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा एवं राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के विधायक भी शामिल होंगे।
भाजपा के संभावित मंत्रियों की सूची को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अंतिम रूप दे रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू के मंत्रियों की सूची बना रहे हैं। हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के संतोष कुमार सुमन नई सरकार में भी मंत्री रहेंगे।
लोजपा (रा) की ओर से राजू तिवारी के अलावा अनुसूचित जाति के किसी विधायक को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। रालोमो की ओर से प्रो. स्नेहलता को मंत्री बनाया जा सकता है। वह पहली बार सासाराम से विधायक चुनी गई है।
बुधवार 11 बजे भाजपा और जदयू के विधानमंडल दल के सदस्यों की अलग-अलग बैठक शुरू होगी। भाजपा के विधायकों को 10.30 बजे तक पार्टी कार्यालय में पहुंचने का निर्देश दिया गया है। उसी समय जदयू विधानमंडल दल के सदस्य एक, अणे मार्ग पहुंचेंगे। दोनों जगह बैठक 11 बजे शुरू होगी। एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक 3.30 बजे विधानसभा स्थित सेंट्रल हाल में होगी। उसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित घटक दलों के नेताओं का संक्षिप्त संबोधन भी होगा।
इसके बाद एनडीए के सभी पांच घटक दलों के विधायक दल के नेता के साथ मुख्यमंत्री राजभवन जाकर नई सरकार के गठन का दावा करेंगे। मालूम हो कि राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री ने राजभवन जाकर राज्यपाल को यह पत्र सौंपा था कि 19 नवंबर को वर्तमान विधानसभा को भंग कर दिया जाए। वैसे 17वीं बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक है।
शपथ ग्रहण के बाद 18वीं विधानसभा के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए पहले एक प्रोटेम स्पीकर का चयन किया जाएगा। प्रोटेम स्पीकर नव निर्वाचित विधायकों को सदस्यता की शपथ दिलाएंगे। इसी क्रम में विधानसभा के नए अध्यक्ष का भी निर्वाचन होगा। विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला है। इसलिए विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन निर्विरोध होगा।
केशव प्रसाद मौर्य की देखरेख में होगा भाजपा विधायक दल के नेता का चयन
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भाजपा विधायक दल के नेता के चयन के लिए होने वाली विधायक दल की बैठक का केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है। मौर्य पटना पहुंच गए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह के अनुसार केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति सह पर्यवेक्षक बनाए गए हैं।
भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने आपसी विमर्श के आधार पर विधायक दल के नेता का नाम तय कर लिया है। विधानमंडल दल की बैठक में इसकी घोषणा होगी और सर्वसम्मति से निर्वाचन हो जाएगा। भाजपा कोटे से दो उप मुख्यमंत्री होंगे। विधायक दल के नेता उनमें से एक रहेंगे। |
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