मातृभाषा दिवस कार्यक्रम के मंच पर भाजपा सांसद और ममता एक साथ दिखे, अटकलें तेज (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले शनिवार को एक आश्चर्यजनक घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बड़ा सियासी दांव चलते हुए भाजपा के राज्यसभा सदस्य व राजवंशी समुदाय के प्रमुख नेता अनंत महाराज को राज्य के सर्वोच्च सम्मान \“बंगबिभूषण\“ से सम्मानित किया।
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर राज्य सरकार द्वारा शाम में कोलकाता के देशप्रिय पार्क में आयोजित समारोह में भाजपा सांसद ममता के साथ एक मंच पर व उनके बगल में बैठे दिखे। इस दौरान ममता ने अनंत महाराज सहित राज्य के नौ हस्तियों को बंगबिभूषण जबकि 16 लोगों को बंग भूषण सम्मान से सम्मानित किया।
ममता ने अनंत महाराज को उतरीय पहनाकर और ममेंटों भेंट कर उनका अभिवादन किया। ममता ने उनकी प्रशंसा भी की और दीर्घायु जीवन की कामना की। इस मौके पर अनंत महाराज ने इस सम्मान के लिए ममता का आभार जताते हुए राजबंशी समुदाय के अग्रणी नेता रहे चिला राय की लिखी एक कविता भी सुनाई।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में अनंत महाराज ने भाजपा व केंद्र सरकार पर जोरदार निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उत्तर बंगाल और कोच व राजवंशी समुदाय के लिए कोई काम नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल को लगातार वंचित किया जा रहा है। इसकी कोई सीमा नहीं है।
इधर, विधानसभा चुनाव से पहले उनके ममता के साथ मंच साझा करने और राज्य सरकार द्वारा उन्हें बंगबिभूषण सम्मान से सम्मानित किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारो में उनके तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई है। राजनीतिक जानकार उन्हें यह सम्मान दिए जाने के ममता के इस फैसले को राजनीति से प्रेरित बताकर आगामी चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं।
कहा जा रहा है कि ममता ने यह कदम राजवंशी समुदाय से जुड़े मतदाताओं को अपनी ओर खींचने के लिए उठाया है। अनंत महाराज जिस राजवंशी समुदाय से आते हैं, उसका उत्तर बंगाल के कई जिलों में बड़ा जनाधार है। यह बंगाल में सबसे बड़ा अनुसूचित जाति समुदाय है। अनंत महाराज कई वर्षों से अलग ग्रेटर कूचबिहार राज्य की मांग भी करते रहे हैं।
भाजपा की सधी हुई प्रतिक्रिया
अनंत महाराज को बंगबिभूषण सम्मान मिलने व ममता के साथ मंच साझा करने पर भाजपा ने संक्षिप्त व सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। पत्रकारों के सवाल पर केंद्रीय मंत्री व प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि राज्य सरकार ने बंगबिभूषण दिया, उन्होंने ले लिया। वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि अच्छा है। उसके बाद उन्होंने कहा कि अनंत महाराज राज्यसभा में मेरे साथी हैं। उन्हें बंगबिभूषण मिला, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।
पहले भी ममता ने बढ़ाया था दोस्ती का हाथ
बता दें कि ममता पहले भी अनंत महाराज की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ा चुकी थीं। पिछले साल लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद ममता ने उत्तर बंगाल के अपने पहले दौरे में कूचबिहार में अनंत महाराज के घर गई थीं। महाराज पिछले कुछ समय से भाजपा से दूरी बनाकर चल रहे थे। हाल में उन्होंने एसआइआर पर भी आपत्ति जताई थी। मालूम हो कि दो दिन पहले ही उत्तर बंगाल के कर्सियांग से भाजपा विधायक बिष्णु प्रसाद शर्मा ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था।
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