बिहार विधानसभा
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा में गुरुवार को एक दुर्लभ राजनीतिक दृश्य देखने को मिला, जब सत्ता और विपक्ष एक ही सुर में नजर आए। मुद्दा था मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की राशि को चार करोड़ रुपये से बढ़ाकर आठ करोड़ रुपये करने का। इस प्रस्ताव पर सदन में व्यापक सहमति दिखाई दी और लगभग सभी दलों के विधायकों ने मेज थपथपाकर समर्थन जताया।
31 विधायकों ने उठाया मुद्दा
इस विषय को रिकॉर्ड 31 विधायकों ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया। भाजपा विधायक प्रमोद कुमार ने पहल करते हुए योजना की राशि बढ़ाने की मांग रखी। इसके बाद विभिन्न दलों के सदस्यों ने भी समर्थन में अपनी आवाज जोड़ी। सदन में यह कहा गया कि बढ़ती महंगाई के कारण वर्तमान चार करोड़ की राशि पर्याप्त नहीं रह गई है।
लागत में भारी बढ़ोतरी बनी वजह
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में बताया गया कि सीमेंट, लोहा, बालू और मजदूरी की लागत में लगातार वृद्धि हो रही है। निर्माण कार्यों की बढ़ती लागत के कारण विकास योजनाओं को समय पर पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। विधायकों ने तर्क दिया कि क्षेत्रीय विकास की गति बनाए रखने के लिए राशि को दोगुना किया जाना जरूरी है।
सरकार से औपचारिक जवाब नहीं
हालांकि इस मुद्दे पर सदन में व्यापक समर्थन दिखा, लेकिन सरकार की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई। उस समय उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा सदन में मौजूद थे। सदस्यों ने उनसे इस पर सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा जताई।
विस्तृत चर्चा की उठी मांग
पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने कहा कि यह विषय राज्य के समग्र विकास से जुड़ा है, इसलिए इस पर विस्तृत चर्चा कर निर्णय लिया जाना चाहिए। योजना एवं विकास मंत्री, जो वित्त विभाग का भी प्रभार संभालते हैं, से औपचारिक घोषणा की अपेक्षा जताई गई। अब सबकी नजर सरकार के आगामी निर्णय पर टिकी है।
यह भी पढ़ें- बिहार विधानसभा स्पीकर समेत 42 विधायकों को HC का नोटिस, चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने का आरोप |
|