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ऑनलाइन गेम में लाखों हारे, पत्नी से रोज का विवाद; कानपुर में रिटायर्ड फौजी के सुसाइड मामले का सच

LHC0088 6 hour(s) ago views 158
  



जागरण संवाददाता, कानपुर। ऑनलाइन गेम का नशा जानलेवा साबित हो रहा है। पहले तो इसमें नाबालिग फंस रहे थे, लेकिन अब तो हर उम्र के लोग इसके मायाजाल में फंसकर मोटी रकम गवां रहे हैं।

तुलसियापुर के सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी चेतराम भी इसी के लती हो गए थे और इतने रुपये हार गए कि लाखों का कर्जा हो गया, जिसकी वजह से परिवार में कलह होने लगी। आए दिन पत्नी व बेटे से झगड़ा होता था। नौबत ये आ गई कि उन्होंने पत्नी व बेटे को गोली मारने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली।

इस ऑनलाइन गेम की लत ने एक परिवार की तीन जिंदगियां छीन लीं। पुलिस ने चेतराम के दो मोबाइलों को जांच के लिए सर्विलांस सेल के पास भेजा है, जिससे स्पष्ट हो सके कि उन्होंने रुपये ऑनलाइन गेम में हारे हैं या शेयर में।

सेना से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए चेतराम कई साल से आनलाइन गेम खेल रहे थे। रिश्तेदारों के अनुसार आनलाइन गेम व शेयर मार्केट में चेतराम काफी व्यस्त रहते थे। रिटायरमेंट के बाद शुरू में तो वह बहुत खुश रहते थे और परिवार के लिए काफी कुछ करते थे लेकिन बाद में तनाव में रहने लगे।

बेटी की शादी के बाद रुपये हारने व अन्य खर्चों की वजह से वह कर्जदार होते चले गए। बेटी की शादी के बाद ही कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने आवास विकास कालोनी का मकान और खेत तक बेच दिया लेकिन उनकी गेम की लत नहीं छूटी।

डीसीपी दक्षिण दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि ऑनलाइन गेम में काफी रुपये हारने से चेतराम का घर पर भी विवाद होता था। उनके मोबाइल फोन की जांच कराई जा रही है। वहीं, बंदूक की जीएसआर जांच भी कराई जा रही है। चेतराम घर से निकलकर बाइक से जाते कुछ फुटेज में दिखे भी थे।

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रिश्तों में खिंचाव और पारिवारिक दबाव ने भी बढ़ाईं दूरियां

पत्नी व बेटे की हत्या के बाद चेतराम के ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने के पीछे पारिवारिक रिश्तों में खटास भी एक कारण माना जा रहा है। भाई रामबाबू ने बताया कि चेतराम जब सेवानिवृत्त हुए तो उसके बाद से वह वृद्ध पिता अयोध्या प्रसाद व भाई-भतीजों पर ज्यादा ध्यान देने लगे।

उनकी जरूरतों का सामान व अन्य खर्च करते थे। आरोप है कि पत्नी सुनीता के रोकने पर चेतराम ने गांव आना बंद कर दिया, लेकिन सुनीता पर भी मायके न जाने और पारिवारिक संबंध खत्म करने की बात कही।

इसको लेकर अक्सर दंपती में विवाद होता था। स्वजन के अनुसार आर्थिक तनाव, कर्ज और अविश्वास के चलते खटास बढ़ती गई और रिश्ते इतने बिगड़े कि दंपती के साथ ही बच्चे की भी जान चली गई।
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