रोेहिणी सेक्टर-32 में खुले नाले पर स्लैब व फुटपाथ पर इंटरलाकिंग टाइल्स लगाते श्रमिक। फोटो: जागरण
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। रोहिणी सेक्टर-32 में नौ फरवरी को करीब 20 फुट खुले मैनहोल में गिरने से हुई मौत के दो दिनों बाद ही घटनास्थल से करीब 200 मीटर की दूरी पर एक और शख्स खुले नाले में गिर गया। हालांकि उस शख्स को समय रहते नाले से निकाल लिया गया।
लगातार हो रहे हादसे को देखते हुए दैनिक जागरण ने 14 फरवरी के अंक में डीडीए की लापरवाही को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद ही पूरे सेक्टर में खुले नाले व मैनहोल को ढ़कने का काम शुरू हो गया है। घटनास्थल पर खुले नाले के ऊपर स्लैब बना दिए गए हैं। अब बिना किसी खतरे के लोग निकल रहे हैं।
गौरतलब है कि एक शख्स बीते बृहस्पतिवार को रोहिणी सेक्टर-32 स्थित साप्ताहिक बाजार से सब्जियां लेने के लिए अपनी पत्नी के साथ आया था। वह फुटपाथ से पैदल जा रहा था, उसके साथ उसकी पत्नी भी चल रही थी। तभी अचानक फुटपाथ पर खुले नाले में शख्स गिर जाता है। तभी पत्नी वहां मौजूद लोगों को इसकी जानकारी देती है।
काफी संख्या में लोग आते हैं, फिर शख्स का हौसला बढ़ाते हुए नाले में लगे लोहे के एंगल को पकड़कर ऊपर आने के लिए कहते हैं। किसी तरह पीड़ित दलदल से निकलकर ऊपर आता है, फिर यहां मौजूद लोग उनके हाथों को पकड़कर नाले से बाहर निकाल लेते हैं। समय रहते शख्स बाहर आ गया। नहीं तो बीते नौ फरवरी जैसा फिर हादसा हो जाता।
बिरजू की मौत के बाद सिर्फ उस सड़क पर ही मैनहोल कवर किए
स्थानीय लोगों ने बताया कि नौ फरवरी को बिरजू की मौत के बाद ही डीडीए अधिकारी ने घटनास्थल वाली पूरी सड़क पर खुलेमैन होल को बंद तो कर दिए। लेकिन आसपास कई नाले भी खुले रह गए थे। जिसको अधिकारी बंद करना भूल गए थे।
जिसमें गिरने से दोबारा हादसा हुआ। लोगों की शिकायत पर दैनिक जागरण में छपी खबर पर संबंधित डीडीए अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए, सेक्टर में खुले मैनहोल व नालों को कवर करने का काम शुरू कर दिया है। काफी हद तक काम पूरा कर लिया गया है।
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