10वीं के सभी छात्रों को पहली बोर्ड परीक्षा में उपस्थित होना अनिवार्य। फाइल फोटो
नई दिल्ली, पीटीआई। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्पष्ट किया है कि 10वीं कक्षा के सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है।
जो छात्र पहले चरण में कम-से-कम तीन विषयों में उपस्थित नहीं होंगे, उन्हें “अनिवार्य पुनरावृत्ति“ श्रेणी में रखा जाएगा और वे अगले वर्ष फरवरी में आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षाओं में ही परीक्षा दे सकेंगे। सीबीएसई 2026 से 10वीं कक्षा के लिए दो बोर्ड परीक्षाएं शुरू करने जा रहा है।
10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो रही हैं, जिसमें भारत और विदेश के 46 लाख से अधिक छात्र शामिल होंगे।
सीबीएसई का यह स्पष्टीकरण कुछ अनुरोध प्राप्त होने के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि कुछ कारणों से 10वीं कक्षा के जो छात्र पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जानी चाहिए।
दूसरी परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में उपस्थित होना अनिवार्य है। सभी उत्तीर्ण और पात्र विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने की अनुमति दी जाएगी।
यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में उपस्थित नहीं होता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पहली परीक्षा में कंपार्टमेंट वाले छात्रों को कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।
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