जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान आने वाले महीनों में बदले हुए स्वरूप में नजर आएगा। मार्च के पहले सप्ताह से जू में आनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी। जू प्रशासन के अनुसार इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
हालांकि आफलाइन टिकट व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। इसके अलावा जू में जल्द ही गाइड टूर की सुविधा भी शुरू की जाएगी, जिसका लाभ दर्शक निर्धारित शुल्क देकर उठा सकेंगे।
ट्री टॉप वॉकवे से प्रकृति का अनोखा अनुभव
जू में लोगों को प्रकृति से और करीब लाने के लिए ट्री टॉप वॉकवे का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ यह देश का दूसरा जू होगा जहां यह सुविधा उपलब्ध होगी। वर्तमान में यह व्यवस्था नंदनकानन प्राणी उद्यान में है। वाकवे निर्माण के लिए सर्वे की प्रक्रिया अगले माह से शुरू होगी।
लगभग 200 से 300 मीटर लंबा और करीब 25 फीट ऊंचाई पर पेड़ों के बीच यह वाकवे बनाया जाएगा। इसके लिए मजबूत वृक्षों का चयन विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा। सुरक्षा के लिए रेलिंग और ग्रिप वाले फ्लोर लगाए जाएंगे। ऊंचाई से जंगल और हरियाली का मनोरम दृश्य देखने को मिलेगा। जैव विविधता और संरक्षण की जानकारी भी दी जाएगी।
कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी
जू परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 150 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए एक आधुनिक कमांड एवं कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा, जो आगंतुकों की आवाजाही और अन्य गतिविधियों पर नजर रखेगा। इसके अलावा जू की दीवारों पर दोनों ओर 3-डी पेंटिंग कराई जाएगी, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।
चार कोच वाली टॉय ट्रेन फिर दौड़ेगी
संजय गांधी जैविक उद्यान में फिर से बच्चों के लिए टॉय ट्रेन शुरू होने वाली। इसे अगले चार महीने में शुरू होने की संभावना है। ट्रेन में बच्चों के साथ वयस्क पर्यटक भी जू का भ्रमण कर सकेंगे। टाय ट्रेन का संचालन भारतीय रेल के दानापुर डिवीजन करेगा। ट्रैक की लंबाई 3.7 किमी होगी। इसमें इको फ्रेंडली इंजन के साथ चार कोच होंगे। अगस्त 2024 में कैबिनेट की बैठक में 988.6 लाख की परियोजना को स्वीकृति मिली थी।
मछली घर होगा हाईटेक, डिस्प्ले बोर्ड से मिलेगी मछलियों की जानकारी
जू का मछली घर को जल्द ही अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया जाएगा। इस मछली घर को अब आधुनिक रूप देकर दर्शकों के लिए आकर्षक और ज्ञानवर्धक बनाया जाएगा। यहां आने वाले पर्यटकों को मनोरंजन के साथ जलीय जीवों से जुड़ी रोचक जानकारियां भी प्राप्त होंगी। दर्शकों की सुविधा और जानकारी के लिए डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। वहां दर्शक मछलियों के प्रजाति और कौन सा मछली कहां से आया है कि जानकारी प्राप्त कर सकते है।
जू प्रशासन के अनुसार वर्तमान मछली घर की संरचना काफी पुरानी है। इसे आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप बदला जाना जरूरी हो गया है। नवीनीकरण के तहत मछली टैंकों का पुनर्निर्माण, उन्नत लाइटिंग सिस्टम और आधुनिक जल शुद्धीकरण प्रणाली लगाई जाएगी।
इसके अलावा अत्याधुनिक फिल्ट्रेशन सिस्टम, आटोमैटिक तापमान नियंत्रण व्यवस्था और ऊर्जा-संचालित एलईडी लाइटिंग भी स्थापित की जाएगी। मछली घर में देशी के साथ-साथ विदेशी और दुर्लभ प्रजातियों को भी शामिल किया जाएगा।
राजगीर जू सफारी से लाई गई दो मादा शेरनी
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली की अनुमति से वन्यजीव अदला-बदली कार्यक्रम के तहत रविवार को राजगीर जू सफारी से दो मादा शेरनियों को संजय गांधी जैविक उद्यान लाया गया। वहीं पटना जू से एक मादा शेरनी पार्वती को राजगीर जू सफारी नालंदा भेजा गया है।
प्राधिकरण की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार राजगीर से आई दोनों शेरनियों को 30 दिनों तक क्वारंटाइन में रखा जाएगा। इस दौरान पशु चिकित्सकों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक चिकित्सीय जांच की जाएगी। इसके बाद ही इन्हें दर्शकों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा।