जगन तुकाराम देसाई। (जागरण)
राज्य ब्यूरो, रांची। शराब घोटाला केस में पीएमएल अधिनियम के तहत जांच कर रही ईडी ने रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद प्लेसमेंट एजेंसी मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जगन तुकाराम देसाई से पूछताछ की है।
ईडी की विशेष अदालत से अनुमति के बाद ईडी के अधिकारी जेल पहुंचे और जगन तुकाराम देसाई से पूछताछ की है। ईडी के अधिकारियों ने उससे यह जानकारी ली है कि उसे फर्जी बैंक गारंटी पर पूर्व की उत्पाद नीति के दौरान मैनपावर आपूर्ति का ठेका लेने के दौरान फर्जी बैंक गारंटी देने में किन-किन अधिकारियों ने सहयोग किया। शराब घोटाला से जुड़े केस में ईडी ने देसाई से अन्य संदिग्धों के बारे में भी जानकारी जुटाई है।
जगन तुकाराम देसाई को झारखंड एसीबी की टीम ने 13 दिसंबर 2025 को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी महाराष्ट्र के ठाणे पश्चिम उपवन में 302, सप्तगिरी कोआपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी, कास्मोस हिल्स, पोखरण रोड नंबर एक स्थित आवास से हुई थी।
मेसर्स मार्शन को पूर्व की उत्पाद नीति के दौरान धनबाद की खुदरा शराब दुकानों में मैनपावर आपूर्ति का ठेका मिला था। इस ठेके के लिए इस एजेंसी पर फर्जी बैंक गारंटी देने का आरोप है, जिसकी जांच एसीबी कर रही है।
ईडी ने जिनके विरुद्ध दर्ज किया था ईसीआईआर
ईडी ने जिनके विरुद्ध ईसीआइआर किया था, उनमें उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव सह वर्तमान में जमीन घोटला केस में जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे, तत्कालीन संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह व अन्य शामिल हैं।
इन अधिकारियों पर मई 2022 में राज्य में लागू उत्पाद नीति के दौरान नियमों को ताक पर रखकर अपने पसंदीदा प्लेसमेंट एजेंसी को राज्य की खुदरा शराब दुकानों में मैनपावर आपूर्ति का ठेका देने का आरोप है।
इन प्लेसमेंट एजेंसियों में मेसर्स विजन व मेसर्स मार्शन ने फर्जी बैंक गारंटी देकर मैनपावर आपूर्ति का ठेका ले लिया था। इससे विभाग को करीब 38 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा था। |