मृतक सुनील मणि त्रिपाठी और नितिन कुमार पांडेय फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, बलरामपुर। पिता को भागवतकथा की पुस्तक देने गए पुजारी व उसके भांजा को शुक्रवार की रात अज्ञात ट्रक ने देवलहा गांव के सामने रौंद दिया। दुर्घटना में नगर के खलवा मोहल्ला निवासी पुजारी 40 वर्षीय सुनील मणि त्रिपाठी (मामा) व 35 वर्षीय नितिन कुमार पांडेय (भांजा) की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद वाहन चालक फरार हो गया। पुलिस दुर्घटना करने वाले वाहन की तलाश कर रही है।
खलवा मोहल्ला निवासी गोवर्धन दास महाराज उर्फ देवमणि त्रिपाठी गौरा चौराहा के देवलहा गांव निवासी संभर सिंह भदौरिया के यहां श्रीमद्भागवत कथा का प्रवचन करने गए थे। एक धार्मिक पुस्तक वह घर पर भूल आए थे। उन्होंने फोन करके अपने बेटे सुनील मणि त्रिपाठी से पुस्तक मंगाई।
पिता को पुस्तक देने के लिए सुनील मणि त्रिपाठी ने मोहल्ले में ही रहने वाले अपने भांजे नितिन कुमार पांडेय को भी साथ ले लिया। मामा-भांजा देवलहा पहुंच गए। दोनों गोवर्धन दास महाराज को पुस्तक देकर पैदल वापस आ रहे थे। बताया जाता है कि देवलहा गांव के सामने सड़क पर खड़े होकर बलरामपुर जाने के लिए किसी वाहन का इंतजार कर रहे थे।
इसी बीच किसी अज्ञात वाहन ने दोनों को रौंद दिया, जिससे घटनास्थल पर ही मौत हो गई। किस वाहन ने उन्हें रौंदा, इसका पता नहीं चल सका, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार घटना के समय मार्ग पर दो ट्रक गुजरी थीं। कयास लगाया जा रहा है कि इन्हीं में से को एक ट्रक दोनों को कुचलकर निकल गया है। गौरा चौराहा थानाध्यक्ष हरीश सिंह ने बताया कि विधिक कार्रवाई की जा रही है। दुर्घटना करने वाले वाहन की तलाश की जा रही है।
दो विधवा महिलाओं पर आ पड़ा दो बच्चों का जिम्मा
खलवा मोहल्ला निवासी नितिन कुमार पांडेय की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे पत्नी जया पांडेय व 12 वर्षीय बेटे सक्षम को छोड़ गए हैं। एक माह पहले उनकी माता की मौत हुई थी। बड़े भाई भोला पांडेय की पहले ही मौत हो चुकी है।
परिवार में अब विधवा भाभी कविता पांडेय एवं उनका 17 वर्षीय बेटा वासु हैं। वहीं मृतक सुनील कुमार त्रिपाठी की पत्नी की लगभग सात वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। वह घरों में कथा-पूजन कराकर परिवार की जीविका चलाते थे। पत्नी की मृत्यु के बाद उन्होंने अपनी विधवा भाभी मंजू से शादी कर ली थी। उनकी पांच बेटियां व एक बेटा है। |
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