राजद के विधान पार्षद सुनील सिंह ने सरकार से मांगा जवाब
डिजिटल डेस्क, पटना। पटना में एक नाबालिग लड़की के गुम होने के बाद स्थानीय थाना पुलिस के रवैये को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि जब पीड़िता के पिता अपनी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत लेकर थाना पहुंचे तो वहां मौजूद दारोगा ने बेहद असंवेदनशील टिप्पणी की। परिजनों का कहना है कि मदद की गुहार लगाने पर उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। इस मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। घटना के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
पिता की गुहार पर मिला आपत्तिजनक जवाब
बताया जा रहा है कि पीड़ित पिता ने थाने में बेटी की तलाश के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने टिप्पणी करते हुए कहा, \“दो महीने में बेटी मौज करके खुद ही वापस आ जाएगी।\“ इस कथित बयान ने परिवार को झकझोर कर रख दिया।
परिजनों का कहना है कि ऐसी टिप्पणी से उनकी पीड़ा और बढ़ गई। उन्होंने इसे पुलिस की संवेदनहीनता करार दिया है। मामले की जानकारी मिलते ही विपक्षी नेताओं ने इसे गंभीर मुद्दा बना लिया।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
राजद के विधान पार्षद सुनील सिंह ने इस मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक नाबालिग लड़की के लापता होने जैसे गंभीर मामले में पुलिस का यह रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
सुनील सिंह ने मांग की कि संबंधित दारोगा पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ऐसे मामलों को हल्के में लेगी तो आम लोगों का भरोसा कैसे कायम रहेगा। विपक्ष ने इस मुद्दे को सदन में उठाने की भी बात कही है।
प्रशासन ने जांच के दिए संकेत
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस प्रशासन ने जांच के संकेत दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि टिप्पणी की पुष्टि होती है तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लड़की की तलाश जारी है और पुलिस टीम विभिन्न संभावित स्थानों पर छानबीन कर रही है।
परिवार न्याय और त्वरित कार्रवाई की मांग पर अड़ा है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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