एमसीडी सदन में बजट पेश हुआ। जागरण
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में आज शुक्रवार को एमसीडी सदन में बजट रखने की प्रक्रिया हर-हर महादेव, भारत माता की जय और वन्दे मातरम् जैसे नारों के साथ शुरू हुई। हालांकि, इन नारों पर विपक्ष ने एतराज जताया है।
बता दें कि यह बजट नेता सदन प्रवेश वाही द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। प्रवेश वाही सामने की तीसरी सीट से बजट पढ़ने जा रहे थे, इस पर भी विपक्ष को आपत्ति हुई।
प्रवेश वाही ने बताया कि 5000 सफाई कर्मियों को नियमित किया जाएगा। ये वर्ष 2000 से 2002 के बीच नियुक्त हुए हैं। बजट में जनता की सुविधाओं के लिए शौचालय स्वच्छ रहे, इसलिए शौचालयों, ड्रेन एवं कल्वर्ट के रख-रखाव के लिए प्रत्येक वार्ड में अलग से पांच लाख रुपये का प्रविधान किया है। इसके लिए बजट में कुल 2.5 करोड़ रुपये बढ़ाए गए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा स्वच्छता अभियान के लिए 500 करोड़ रुपये का फंड दिया है, जिसे जनता की सुविधा के लिए निगम द्वारा पूरी दिल्ली में स्वच्छता कार्यों के लिए जल्द से जल्द उपयोग किया जाएगा।
दिल्ली नगर निगम ने 14 मैकेनिकल रोड, स्वीपिंग मशीनें खरीदने का ऑर्डर कर दिया है। इसके अतिरिक्त 17 बैकहो लोडर, दो सुपर सकर मशीन, 10 स्किड स्टीयर लोडर एवं अन्य मशीनें खरीदी गई हैं।
दिल्ली नगर निगम द्वारा 70 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें जल्द ही बेड़े में शामिल कर दी जाएंगीं। प्रत्येक विधानसभा में एक-एक मशीन दी जाएगी, जिससे सफाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
इसी प्रकार 1000 लिटर पिकर मशीनें जल्द ही आ रही हैं और प्रति वार्ड में 4-4 लिटर पिकर दिए जाएंगे, जिससे कोने-कोने व मुश्किल जगहों से हर महीने कूड़ा भी साफ हो सकेगा।
318 से अधिक बाजारों में रात्रिकालीन व्यवस्था की शुरुआत की है। करीब 550 किमी रोड रात्रि में ही साफ किए जा रहे हैं।
डीडीए से हस्तांतरित मार्केट्स के लिए प्रत्येक वार्ड में 100 अतिरिक्त सफाईकर्मी दिए जाएंगे। इससे क्षेत्र का चेहरा बदलेगा। यह पहली बार भाजपा के शासनकाल में किया गया है। इससे वहां गंदगी पर भी अंकुश लगेगा।
प्रवेश वाही ने कहा, यह कहते हुए मुझे बहुत हर्ष हो रहा है कि हमारा निगम स्वच्छता पायदान में 90वें स्थान से 31वें स्थान पर आया है। आने वाले समय में इसमें हम प्रथम 10 शहरों में अवश्य स्थान प्राप्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश में बच्चों को दी जाने वाली प्राथमिक शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। दिल्ली नगर निगम के शिक्षा विभाग के अंतर्गत 1514 प्राथमिक विद्यालय, 43 अनुदान प्राप्त विद्यालयों एवं 862 मान्यता प्राप्त विद्यालयों द्वारा लगभग छह लाख 59 हजार बच्चों को शिक्षा प्रदान की जा रही है।
प्रवेश वाही ने बताया कि सभी बच्चों को मुफ्त पाठ्य-पुस्तकों का वितरण, नोट बुक, स्टेशनरी, स्कूल बैग, मुफ्त वर्दी, जर्सी, जूते के बदले नकद धनराशि उनके बैंक खाते में प्रदान की जा रही है। मुफ्त मिड-डे-मील की व्यवस्था एवं विभिन्न प्रकार की छात्रवृति प्रदान की जा रही है।
निगम विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र और छात्राओं के दुर्घटना बीमा राशि अभी तक 50 हजार रुपये थी, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर एक लाख रुपये करने का प्रस्ताव भी है।
दिल्ली नगर निगम के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि सभी छात्रों को दी जाने वाली वर्दी, स्टेशनरी और स्कूल बैग आदि का पैसा लगभग 71.11 करोड़ रुपये वन क्लिक के माध्यम से उनके खाते में ट्रांस्फर किए गए हैं। |