अस्पताल में शोकाकुल स्वजन। इलाज में कोताही का लगाया आरोप। फोटो: जागरण
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Undertrial Prisoner Treatment Negligence: शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा के एक विचाराधीन बंदी की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद स्वजन ने इलाज में कोताही और सुरक्षा में तैनात सिपाहियों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।
मृतक की पहचान सिकंदरपुर वार्ड-13 निवासी भुटकुन महतो के 32 वर्षीय पुत्र पप्पू महतो के रूप में हुई है। बताया गया कि स्मैक सेवन से जुड़े एक पुराने मामले में उसकी जमानत टूट गई थी। पांच फरवरी को आत्मसमर्पण के बाद कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेजा गया था।
स्वजन का आरोप
मृतक के भाई राजा कुमार ने बताया कि दो दिन पहले पप्पू का इलाज के बाद उसे अस्पताल से वापस जेल भेजा गया था। गुरुवार को उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई, जिसके बाद जेल प्रशासन के निर्देश पर रात करीब आठ बजे उसे श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) लाया गया।
परिजनों के अनुसार, पहले उसका इलाज पटना स्थित आईजीआईएमएस में चल रहा था। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टर से आईजीआईएमएस रेफर करने की मांग की गई, लेकिन रेफर नहीं किया गया। एसकेएमसीएच के चिकित्सकों ने उसे आइसीयू में भर्ती करने की सलाह दी, परंतु बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे जनरल वार्ड में भर्ती कर दिया गया।
स्वजन का आरोप है कि वार्ड में सिपाही ने बंदी के हाथ में हथकड़ी लगाकर छोड़ दिया और खुद सो गया। रात में हालत बिगड़ने पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। पप्पू की मां मदद के लिए गुहार लगाती रहीं, लेकिन समय पर उपचार नहीं मिल सका। बाद में हंगामा होने पर उसे ट्रॉली से इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का कहना है कि समय रहते समुचित इलाज मिलता तो उसकी जान बच सकती थी।
पुलिस और प्रशासन का पक्ष
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का कहना है कि बंदी की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना जेल प्रशासन को दी गई।
जेल प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर पोस्टमार्टम कराया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। मजिस्ट्रेट ने स्वजन का बयान दर्ज किया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
घटना के बाद जेल और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की जांच जारी है। |