24 किलो चरस को ईंट बनाने वाले चार बड़े अधिकारियों पर गिरेगी गाज
संवाद सहयोगी, मोतिहारी। बिहार में सिस्टम के खेल का एक और सनसनीखेज पर्दाफाश हुआ है। पांच मार्च 2025 को सुगौली रेल पुलिस द्वारा स्टेशन परिसर से बरामद 24 किलो चरस के 58 दिनों बाद कोर्ट पहुंचते ही ईंट बन जाने के मामले में जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
इस मामले में रेल डीएसपी बेतिया, सुगौली सीओ और सुगौली रेल थाना प्रभारी समेत कई अधिकारियों को मुख्य रूप से दोषी पाया गया है। अब इन सभी पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की तैयारी शुरू हो गई है।
पुलिस मुख्यालय के द्वारा गठित त्रि-सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर इन अधिकारियों को दोषी करार दिया गया है। मुजफ्फरपुर रेल एसपी ने बताया कि जांच टीम की विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेज दी गई है।
दोषी पाए गए अधिकारियों के विरुद्ध न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और आपराधिक साजिश के तहत एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। बता दें कि बीते 5 मार्च 2025 को सुगौली रेल थाना क्षेत्र से 24 किलो चरस बरामदगी का दावा किया गया था।
पुलिस ने बकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी पीठ थपथपाई थी। लेकिन इस बरामदगी के 58 दिन बाद जब पैकेट को अदालत में खोला गया तो उसमें चरस की जगह ईंट के टुकड़े निकले। मामला उजागार होने के बाद इस मामले की जांच रेल एसपी, आरपीएफ के कमांडेंट और मोतिहारी समाहरणालय के वरीय उपसमाहर्ता ने की थी। |
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