सुखबीर सिंह बादल लाओ, पंजाब बचाओ के बारे में जानकारी देते हुए वक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए मिशन 2027 के तहत राज्यव्यापी संपर्क अभियान की घोषणा कर दी है। पार्टी ने वैसाखी तक प्रदेश में 40 रैलियां आयोजित करने का फैसला लिया है। इस अभियान की शुरुआत 17 फरवरी को कादियां से होगी, जो कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा का क्षेत्र है।
पार्टी ने अपने अभियान को नाम दिया है— “2027 में सुखबीर सिंह बादल ले आओ, पंजाब की तरक्की को पुनः शुरू करवाओ।” पूर्व कैबिनेट मंत्री और पार्टी नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि 30 मार्च तक 28 रैलियां आयोजित की जाएंगी, जबकि बाकी रैलियां वैसाखी तक पूरी कर ली जाएंगी।
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चंडीगढ़, पंजाब के पानी को प्रमुखता से उठाएंगे
डॉ. चीमा ने कहा कि इन रैलियों में कानून व्यवस्था, किसानों की आर्थिक स्थिति, पंजाब के पानी और चंडीगढ़ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति सबसे निचले स्तर पर है और किसान लगातार संकट में हैं। अकाली दल इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगा और मौजूदा सरकार को घेरने का प्रयास करेगा।
अकाली दल की रणनीति को लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आमतौर पर पार्टी अपने चुनावी अभियान की शुरुआत मोगा से करती रही है, लेकिन इस बार कादियां को चुना गया है। राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस को सीधी चुनौती और क्षेत्रीय संतुलन की नई रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
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आप व भाजपा मोगा में करने वाले हैं रैली
उधर, आम आदमी पार्टी 16 फरवरी को मोगा में रैली करने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी भी मार्च में मोगा में रैली की तैयारी कर रही है। कांग्रेस पहले से ही विभिन्न मुद्दों को लेकर सक्रिय है और लगातार जनसभाएं कर रही है।
पंजाब में विधानसभा चुनाव 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में संभावित हैं। ऐसे में सभी दलों ने अभी से अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करनी शुरू कर दी है। अकाली दल का यह अभियान आगामी चुनावी समीकरणों को किस दिशा में ले जाएगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
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