संवाद सूत्र, मालीपुर। छात्र के शव को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। चिकित्सकों की टीम ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया।
मालीपुर के बरौली आशानंदपुर नोखवा गांव की शशिकला व इनके पति हीरालाल दोनों आंखों से दिव्यांग हैं। बेटा अंश निजी विद्यालय में यूकेजी का छात्र था। मंगलवार को प्रतिदिन की तरह बस से स्कूल गया था। 10 बजे के करीब पेट में दर्द होने लगा। धीरे-धीरे दर्द बढ़ता रहा। छात्र को उल्टी हुआ। इसके वावजूद इलाज के लिए न तो अस्पताल ले जाया गया और बार-बार कहने के बाद उसे घर भी नहीं भेजा गया।
आर्थिक परेशानियों के वावजूद आंख से दिव्यांग माता-पिता बच्चे का भविष्य संवारने के लिए सरकारी विद्यालय के बजाय फीस भरकर निजी विद्यालय में पढ़ा रहे थे। आरोप है कि विद्यालय बंद होने के बाद बच्चे को बस से उसके घर भेजा गया। बस में बच्चा खून की उल्टी किया और फर्श पर दर्द से कराहता रहा। बस चालक उसे सड़क पर उतार कर चला गया। दूसरे छात्र ने साइकिल से उसे घर पहुंचाया।
निजी अस्पताल में कराया इलाज
स्वजन निजी चिकित्सक से इलाज कराया। रात में घर लौटने पर छात्र की मौत हो गई थी। सुबह ग्रामीणों ने पुलिस के बार-बार पोस्टमार्टम कहने के बाद शव को हमजापुर मंजूषा घाट पर दफना दिया गया। मौत की खबर सुन कुछ बच्चे घर पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी स्वजन को दी।
शव दफनाने के बाद घटना की जानकारी होने के बाद छात्र की मां शशिकला उपजिलाधिकारी राहुल गुप्त को पत्र देकर शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम करवाने की गुहार लगाई। मौत के जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज करने की अपील किया था।
गुरुवार को मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अमरनाथ द्विवेदी नदी तट पहुंचे। शव को कब्र से निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्यामदेव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा। आरोपों की जांच की जा रही है। |
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