जागरण संवाददाता, उरई। रामपुरा क्षेत्र के एक गांव में किशोरी के साथ गांव के ही एक दुकानदार ने एक महीने पहले घर ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद चार दिन पहले उसने मौका पाकर किशोरी के घर में ही दरिंदगी की जिससे उसकी हालत बिगड़ी तो चाचा उसे थाने लेकर पहुंचा और पुलिस ने छेड़खानी में मामला दर्ज कर उसे टरका दिया। किशोरी की मां मूकबघिर है और पिता मानसिक रूप से कमजोर है।
आला अधिकारियों ने जब मामले को संज्ञान लिया तो किशोरी को इलाज के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती कराया और बयान के आधार पर आरोपित के विरुद्ध बार-बार दुष्कर्म करने की धारा बढ़ाकर उसे जेल भेज दिया है। हालांकि किशोरी की हालत काफी नाजुक है। पुलिस अधीक्षक डा. दुर्गेश कुमार ने कहा कि वह निजी खर्चे पर किशोरी का कानपुर तक इलाज कराएंगे।
रामपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 13 वर्षीय किशोरी का पिता मानसिक रूप से कमजोर है और मां मूक बघिर है। मंगलवार को किशोरी के साथ ज्ञानेंद्र दीक्षित पुत्र विजय शंकर दीक्षित ने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। घर पहुंचने पर उसने पिता को यह बात बताई लेकिन उसने ध्यान नहीं तो चाचा भतीजी को लेकर थाने पहुंचा। भतीजी को मारने की धमकी दी गई थी इस कारण वह कुछ नहीं बोल सकी। इस पर पुलिस ने छेड़खानी का मुकदमा दर्ज अपना पल्ला झाड़ लिया।
जब अगले दिन किशोरी की हालत बिगड़ी तो पुलिस अधीक्षक ने मामला संज्ञान लिया। पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लिया और किशोरी को इलाज के लिए मेडिकल कालेज भेजा। किशोरी के बयान में बताया कि एक महीने से ज्ञानेंद्र उसके साथ कई बार दुष्कर्म कर चुका है और हर बार व जान से मारने दी धमकी देता था। पुलिस ने तुरंत ही मुकदमा में बार-बार दुष्कर्म करने की धारा बढ़ाकर आरोपित को जेल भेज दिया। इधर किशोरी की हालत चिंता जनक बनी हुई है। दो प्वाइंट खून होने से डाक्टर उसका इलाज कर रहे हैं।
थाना प्रभारी करते रहे लीपापोती
जब किशोरी चाचा के साथ थाने में शिकायत करने गई थी तभी उन्हें मामले को गंभीरता से लेना चाहिए था लेकिन उन्होंने उसे टरका दिया। इससे लगातार रक्तस्राव होने के कारण किशोरी की हालत बिगड़ गई। जबकि थाना प्रभारी इस मामले को दबाने के लिए भरसक प्रयास में लगे रहे लेकिन पुलिस अधीक्षक ने संज्ञान लेकर कार्रवाई की।
किशोरी के इलाज के लिए वह हर संभव प्रयास कर रहे हैं। अगर यहां नहीं तो कानपुर, लखनऊ जहां भी किशोरी को भेजा जाएगा वह निजी खर्चे से उसका इलाज कराएंगे जिससे वह जल्दी स्वस्थ हो सके। आरोपित पर अभी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डा. दुर्गेश कुमार, पुलिस अधीक्षक |
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