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अचानक गूँजा सायरन, आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना और फिर... चारों ओर मच गई खलबली!

deltin33 2 hour(s) ago views 554
  

लोगों को रेस्‍क्‍यू करते स‍िव‍िल ड‍िफेंस के सदस्‍य



जागरण संवाददाता, बरेली। शाम छह बजे, अचानक तेज साइरन के साथ अंधेरा छा गया। सभी लाइटें बुझा दी गईं। अचानक आग का एक गुबार दिखाई दिया, जिसके बाद बचाव कार्य शुरू हो गया। घायलों को बाहर निकालने में सिविल डिफेंस के सदस्य जुट गए। कुछ देर में समझ आया कि यह सिर्फ माक ड्रिल है, अगर किसी वक्त हवाई हमला हो जाए तो किस तरह खुद की और दूसरों की रक्षा करनी है। अभ्यास के दौरान सिखाया गया।

उत्तर प्रदेश दिवस व नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर शनिवार शाम को नागरिक सुरक्षा की टीम ने कलक्ट्रेट पर हवाई हमले से बचाव के लिए ब्लैक आउट माक ड्रिल किया। एयरफोर्स स्टेशन से रिजनेंस सिविल डिफेंस कंट्रोल सेंटर बरेली को हाटलाइन से दुश्मन राष्ट्र के लड़ाकू विमान सीमा में प्रवेश करने की सूचना प्राप्त हुई।

  

इसकी तत्काल सूचना डीएम एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों व विभिन्न नागरिक सुरक्षा सेवाओं के अधिकारियों को दी। तुरंत महत्वपूर्ण स्थानों पर सायरन द्वारा हवाई हमले के चेतावनी की सूचना को प्रसारित करने के बाद जिले में ब्लैक आउट (प्रकाश प्रतिबंध) कर दिया गया। तत्काल ही आसमान में लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट गूंजने लगी। कलक्ट्रेट परिसर में ब्लैक-आउट के दौरान बमों की आवाज चारों तरफ गूंजने लगी।

  

नागरिक सुरक्षा ने आपातकालीन सायरन बजाकर वार्डन/स्वयंसकों के माध्यम से रिहायशी क्षेत्रों के निवासियों को दुश्मन के हवाई हमले से बचाव को ब्लैक-आउट करते हुए सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को कहा गया। प्रतिबंधित क्षेत्र में पुलिस ने यातायात रोक दिया। दुश्मन राष्ट्र के लड़ाकू विमान को मार गिराने के बाद नागरिक सुरक्षा द्वारा ग्रीन सिग्नल देते हुए आल क्लियर का सायरन दोबारा बजाकर आपातकालीन सेवाओं को बचाव कार्य करने को संदेश दिया।

  

प्रकाश प्रतिबंध बहाल करते हुए हवाई हमले के दौरान लगी पेट्रोल की आग, लकड़ी की आग, सिलिंडर की आग, झोपड़ी की आग व हाईराइज बिल्डिंग में फंसे लोगों के बचाव को, बचाव की विभिन्न आपातकालीन विधियां जैसे टू मैन ह्यूमन क्रैच, टू हैंड शीट, फोर हैंड शीट, पिक-अ-बैक, रिवर्स पिक-अ-बैक, फोर एंड आफ्ट, बीएस सैट, स्ट्रेचर ड्रिल (मेल) व स्ट्रेचर ड्रिल (फीमेल) आदि से बचाव कार्य कर घायल लोगों को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई।

  

बम वर्षा के बाद छोटी-छोटी आग को नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों ने अग्निशमन उपकरणों से नियंत्रित कर लिया गया। फायर इंट्री सूट पहनकर छोटे बच्चों को बचाया गया। आग बड़ी होने के कारण अग्निशमन विभाग के फायर टेंडर से काबू पाया गया।

  

गंभीर घायलों को नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक अस्थाई चिकित्सा कैंप में ले गए। माक ड्रिल के दौरान वन मंत्री डा. अरुण कुमार, डीएम अविनाश सिंह, एमएलसी बहोरन लाल मौर्या, एडीएम प्रशासन समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




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