ए आर रहमान ने म्यूजिकल जर्नी (फोटो- इंस्टाग्राम)
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। ऑस्कर विजेता संगीतकार ए आर रहमान पिछले कुछ दिनों से अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। एआर रहमान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि पिछले आठ सालों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से उनका काम कम हो गया है। उन्होंने इसे \“पावर डायनामिक्स में बदलाव. से जोड़ा और कहा कि इसमें सांप्रदायिक भी एक वजह हो सकती है। उनका कहना था कि अब क्रिएटिव लोग कम फैसले लेते हैं और बातें कहीं दूर से होते हुए फुसफुसाहट के तौर पर उन तक पहुंचती है। जैसे कि कोई उन्हें बुक करता है, लेकिन म्यूजिक कंपनी किसी और को चुन लेती है।
10वीं तक की है पढ़ाई
इस बात पर कई लोगों ने रहमान का विरोध किया और अनूप जलोटा ने तो उन्हें फिर से हिंदू बनने की सलाह तक दे डाली। ए. एस. दिलीप कुमार कैसे रहमान बनें और कहां से ये शुरू हुआ, आइए पूरा मामला समझते हैं। एआर रहमान का जन्म 6 जनवरी 1967 को मद्रास में हुआ था। उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई की है। साल 1989 में जब रहमान करीब 22 या 23 साल के रहे होंगे तब उनके पिता का निधन हो गया।
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हिंदू ज्योतिष ने दिया मुश्किल नाम
उस दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब रहने लगी। खासकर उनकी छोटी बहन बहुत बीमार रहती थी। उसी दौरान, रहमान की मां, बेटी की शादी के लिए उसकी कुंडली दिखाने एक हिंदू ज्योतिषी के पास गईं। ज्योतिषी ने तब रहमान के बारे में पूछा (तब उनका नाम ए. एस. दिलीप कुमार था)। कुंडली देखने के बाद ज्योतिषी ने उन्हें अब्दुल रहमान और अब्दुल रहीम में से कोई एक नाम रखने की सलाह दी। संयोग भी ऐसा हुआ कि उसी समय रहमान का परिवार एक सूफी संत करीमुल्लाह शाह कादरी के संपर्क में भी आया था, जिनकी दुआओं से उनकी बहन की सेहत में थोड़ा बहुत सुधार होने लगा था। इससे प्रेरित होकर उन्होंने अपना नाम रहमान रख लिया। बाद में मां ने उसमें अल्लाह रक्खा जोड़ दिया। इस तरह दिलीप कुमार ए. आर. रहमान बन गए।
फिल्म रोजा से मिली खास पहचान
ए. आर. रहमान अब फिल्में भी लिख रहे हैं। उन्होंने तीन फिल्में प्रोड्यूस भी की हैं। रहमान के करियर की बात करें तो वो 4 साल की उम्र से पियानो बजाने लगे थे। 11 की उम्र में वे एम. के अर्जुनन के ऑर्केस्ट्रा में शामिल हो गए। फिर जाकिर हुसैन आदि के साथ वर्ल्ड टूर पर जाने लगे। शुरु में टीवी विज्ञापन और जिंगल आदि के लिए संगीत बनाते थे। लेकिन साल 1992 में मणिरत्नम की फिल्म \“रोजा\“ से उन्हें एक खास पहचान मिली। 2009 में फिल्म \“स्लमडॉग मिलियनेयर\“ के लिए उन्हें ऑस्कर से भी सम्मानित किया गया।
कैसे हुई एआर रहमान की शादी?
साल 1994 में एआर रहमान की मां बेटे के लिए लड़की ढूंढ़ रही थीं। वे एक दरगाह में पहुंचीं। उन्होंने एक युवती को प्रार्थना करते देखा जो उन्हें बहुत पसंद आई। वे युवती के पिता के पास पहुंचीं। उन्होंने बताया कि पहले लड़की की बड़ी बहन की शादी होगी। वे सायरा थीं, जिनसे बाद में एआर रहमान की शादी हुई। हालांकि 2024 में दोनों आपसी सहमति से अलग होने की घोषणा की और तबसे अलग रह रहे हैं।
भारत से लेकर कनाडा तक में नाम
बता दें कि सिर्फ भारत में ही नहीं विदेश में भी एआर रहमान का बहुत नाम है। कनाडा के ओंटोरियो प्रांत के मारखाम शहर में उनके नाम पर एक सड़क का नाम ए. आर. रहमान स्ट्रीट रखा गया है। इसके अलावा संगीत के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए ऑक्सफोर्ड के ट्रिनिटी म्यूजिकल कॉलेज ने उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान की थी। इससे उन्होंने पश्चिमी शास्त्रीय संगीत में शिक्षा प्राप्त की है।
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