प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर), अनंतिम सूची के बाद नौ मैपिंग वाले मतदाताओं के नोटिस पर सुनवाई में जरूरी प्रपत्रों के साथ ना पहुंचना ही मुसीबत का सबब बन रहा है। 21 से नोटिस पर शुरू हुई सुनवाई में बूथों पर पहुंचे रहे ज्यादातर मतदाता बिना जरूरी प्रपत्रों के पहुंच रहे हैं। बूथ पर पहुंचने के बाद प्रपत्रों की जानकारी कर रहे हैं जिससे उनकी ही दुश्वारी बढ़ रही है।
बूथ पर पहुंचने के बाद प्रपत्रों के लिए चक्कर काट रहे हैं। तीसरे दिन नोटिस पर सुनवाई की सामने आई स्थिति से पता चला कि अब तक 10 हजार नोटिस पर सुनवाई हो चुकी है। भारत निर्वाचक आयोग की गाइडलाइन के अनुसार, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्रतिदिन 150-150 नोटिस पर सुनवाई अनिवार्य थी जिसे बढ़ाकर अब दो सौ कर दिया गया है।
नोटिस पर सुनवाई के समय मतदाता की उपस्थिति अनिवार्य है। मतदाता स्वयं पहुंचा, इसके लिए प्रत्येक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी संबंधित मतदाता के साथ फोटो भी खींचा रहे हैं। अनंतिम सूची में जिले में एक लाख 96 हजार 201 मतदाता सामने आए थे जिसमें से पहले चरण में 70 हजार काे नोटिस जारी किये गए।
अब जैसे-जैसे नोटिस पर सुनवाई चल रही है और नोटिस जारी किये जा रहे हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन संगीता गौतम ने बताया कि अब तक 86 हजार नोटिस पहुंचाए जा चुके हैं। नोटिस पर सुनवाई भी रोजाना चल रही है। मतदाताओं से अपील है कि वह नोटिस पर संबंधित प्रपत्रों के साथ बूथ पर पहुंचे जिससे नोटिस पर तुरंत ही सुनवाई हो सके। प्रपत्रों के चलते लौटना ना पड़े।
यह हैं जरूरी प्रपत्र
- यदि 01.07.1987 से 02.12.2004 के बीच भारत में जन्म हुआ है, तब स्वयं के जन्मतिथि, जन्मस्थान के साथ पिता या माता में से कोई भी अभिलेख उपलब्ध कराएं जो जन्मतिथि और जन्मस्थान को प्रमाणित करता हो।
- यदि 02.12.2004 के बाद जन्म हुआ है तब स्वयं के जन्मतिथि, जन्मस्थान के साथ पिता या माता का कोई अभिलेख दें जिससे जन्मतिथि और जन्मस्थान प्रमाणित होता हो।
- यदि अभिभावक में से कोई भारतीय नहीं है तो अपने जन्म के समय उनके वैध पासपोर्ट और वीजा की एक प्रति उपलब्ध करानी होगी।
- यदि भारत के बाहर जन्म हुआ है, तब विदेश में भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म पंजीकरण का प्रमाण देना होगा।
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