जागरण संवाददाता, इटावा। नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में आरोपितों पर कार्रवाई में देरी एवं जांच में लापरवाही बरतने पर अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर के आदेश पर सिविल लाइंस थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार और मुकदमे के इंस्पेक्टर क्राइम राजा दुबे को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से जनपद के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
वर्ष 2025 के मई माह में सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। आरोप था कि स्कूल के बाहर से एक वकील ने अपने साथियों के साथ मिलकर छात्रा को कार में अगवा किया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपित वकील को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी समय रहते नहीं की गई।
कानूनी प्रक्रिया में बरती गई लापरवाही
पीड़िता और उसके स्वजन का आरोप था कि पुलिस ने विवेचना के दौरान कई अहम तथ्यों की अनदेखी की। पीड़िता के बयान, साक्ष्य संकलन और कानूनी प्रक्रिया में भी लापरवाही बरती गई। इसके साथ ही पाक्सो एक्ट के तहत तय समय सीमा में चार्जशीट दाखिल करने सहित अन्य आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं। मामले को लेकर पीड़िता पक्ष ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की, जिसके बाद एडीजी स्तर पर पूरे प्रकरण की जांच कराई गई।
जांच रिपोर्ट में वर्तमान सिविल लाइन इंस्पेक्टर सुनील कुमार और मुकदमे के विवेचक इंस्पेक्टर क्राइम राजा दुबे की भूमिका संदिग्ध रही और उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक से नहीं किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर एडीजी ने दोनों अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, निलंबन के दौरान दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जाएगी। सीओ सिटी अभय नारायण ने बताया इंस्पेक्टर सुनील कुमार और क्राइम इंस्पेक्टर राजा दुबे डीआईजी के आदेश पर निलंबित किया गया है। इस मामले में विभागीय जांच की जा रही है। |
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