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बालकनी की बाहरी जाली पर बैठा बच्चा। (सौ- इंटरनेट मीडिया)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित एंजेल जुपिटर सोसायटी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक छोटा बच्चा ऊंची इमारत की बालकनी की बाहरी जाली पर बैठा नजर आ रहा है।
यह घटना 17 जनवरी की बताई जा रही है। कई मंजिल ऊपर बनी बालकनी के किनारे बैठे बच्चे को देखकर आसपास के लोगों की सांसें थम गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सामने की टावर में रहने वाले एक पड़ोसी ने यह दृश्य अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। वीडियो में बच्चा बालकनी की जाली के क्षैतिज पाइप पर बैठा है और उसके पैर नीचे हवा में लटक रहे हैं। शरीर का बड़ा हिस्सा बाहर की ओर झुका हुआ दिख रहा है। उस समय आसपास कोई बड़ा व्यक्ति दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे खतरे की स्थिति और गंभीर हो गई।
बताया जा रहा है कि कुछ ही देर बाद परिवार के सदस्यों ने बच्चे को सुरक्षित अंदर ले लिया। घटना में किसी तरह की चोट नहीं आई। परिजनों ने बाद में स्पष्ट किया कि बच्चा ऑटिज्म से ग्रस्त है और उसे लगातार निगरानी की आवश्यकता होती है। उनका कहना है कि यह घटना एक क्षणिक चूक के दौरान हुई।
pic.twitter.com/13ug0k3kfW — अनूप तिवारी (@_anup_tiwari) January 23, 2026
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस वीडियो के सामने आने के बाद हाईराइज सोसायटियों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। इंटरनेट मीडिया पर लोग अभिभावकों की सतर्कता और सोसायटी प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने बालकनियों में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम, जैसे ‘इनविजिबल ग्रिल’ या बर्ड नेट अनिवार्य करने की मांग उठाई है।
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में सेक्टर-62 की एक सोसायटी में पांच वर्षीय रुद्र तेज सिंह की 22वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। वह कथित तौर पर फ्लैट में अकेला रह गया था और मदद के लिए बालकनी में रखे स्टैंड पर चढ़ गया था। संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गया था। इस घटना ने भी हाईराइज इमारतों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
ताजा मामला भले ही बड़े हादसे में तब्दील नहीं हुआ, लेकिन इसने एक बार फिर याद दिलाया है कि ऊंची इमारतों में रहने वाले परिवारों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बालकनी की डिजाइन, जाली की ऊंचाई और सुरक्षा जाल जैसे उपाय भविष्य में ऐसे जोखिम को कम कर सकते हैं।
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