संवादसूत्र, सुलतानपुर। गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर बन रहे सेतु के अप्रोच का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। करीब पांच साल से किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा न मिल पाने के कारण अप्रोच नहीं बन पा रहा था। शासन से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद अब कार्य शुरू किया जाएगा।
107 किसानों से 0.247 हेक्टेयर भूमि ली गई है। लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। अब करौंदीकला की तरफ भी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। यह सेतु लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर कोइरीपुर तो दूसरी तरफ करौंदीकला ब्लाक को जोड़ेगा।
चांदा के मल्हीपुर-कोइरीपुर-छतौना-करौंदीकला मार्ग पर गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर अक्टूबर, 2018 में पुल निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा इसे वित्त पोषित किया गया था। उस समय इसकी स्वीकृति लागत 20 करोड़ 23 लाख रुपये थी, जिसकी लागत अब बढ़कर लगभग 24 करोड़ 20 लाख तक पहुंच चुकी है।
इस वजह से पूरा नहीं हो सका था मिर्माण
184.88 मीटर लंबे सेतु पर दोनों तरफ मिलकर 400 मीटर पहुंच (अप्रोच) मार्ग का निर्माण भी प्रस्तावित था। किसानों को मुआवजा न मिल पाने के कारण इसे अब तक पूरा नहीं किया जा सका था। लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा देने का कार्य प्रगति पर है, वहीं करौंदीकला की तरफ मुआवजा देने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे अब पुल निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है।
मल्हीपुर सेतु निर्माण से दोनों तरफ के करीब 50 गावाें का रास्ता सीधा हो जाएगा। इससे करीब दो लाख आबादी लाभांवित होगी। अभी तक लोगों को इब्राहिमपुर डेवाढ़ घाट पुल से रास्ता तय करना पड़ रहा है। पुल निर्माण से सुलतानपुर, जौनपुर और प्रतापगढ़ तीनों जिलों के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
पुल पर आवागमन शुरू होने के बाद पौराणिक धाम बिजेथुआ समेत अखंडनगर, दोस्तपुर, शाहगंज आदि स्थानों पर आने-जाने में सुगमता मिलेगी। ब्लाक प्रतापपुर कमैचा और आसपुर देवसरा समेत नगर पंचायत कोइरीपुर और नगर पंचायत रामगंज आवागमन में आसानी होगी। इससे शिवपुर, मल्हीपुर, छतौना, बैंतीकला, सोनपुरा, गुदरा, हिंदुआबाद, सड़सी, सोनावां समेत 50 से अधिक गांवों के लोगों को आवागमन में काफी सुगमता होगी।
किसानों ने जताई खुशी : मुआवजा मिलने की जानकारी पाकर किसान काफी खुश हैं। मल्हीपुर के पवन, बनवारी लाल, लक्ष्मी कांत, दुर्गा प्रसाद, संतोष कुमार, क्षमाकांत समेत कई किसानों को मुआवजा मिला है। जिन किसानों को मुआवजा मिलने हैं, अब उनमें खुशी देखी जा रही है। इसमें रमाशंकर, भोलानाथ, अरुण कुमार, अखंड प्रताप जैसे किसान शामिल हैं। इनका कहना है कि उचित मुआवजा किसानों का अधिकार है।
ग्रामीणों ने कहा कि पुल बन जाने से तीन जिले के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी और विद्यार्थी भी उस पार स्थित अच्छे विद्यालयों में पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा एक दूसरे के सुख-दुःख, निमंत्रण एवं अन्य कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए अब नाव का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
अप्रोच मार्ग के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के बदले किसानों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है। इससे अब पुल व अप्रोच मार्ग के निर्माण में तेजी लाई जाएगी। मार्च तक पुल आवागमन के लिए खोल देने का लक्ष्य है।
-प्रशांत सिंह, परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम |