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जागरण संवाददाता, अरवल। जिले में कृषि एवं सहकारिता विभाग द्वारा किसानों को उनकी उपज को कम लागत में सुरक्षित रखने के लिए न तो कोई प्रोसेसिंग यूनिट उपलब्ध कराई गई है और न ही कोल्ड स्टोरेज की सुविधा दी गई है। लंबे समय से यह सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के 50 हजार से अधिक किसान और मजदूर आर्थिक नुकसान झेलने को मजबूर हैं।
जिले में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था नहीं होने से किसानों की उपज बर्बाद हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि जिले में कहीं भी कोल्ड स्टोर की सुविधा होती तो वे अपनी उपज को वहां सुरक्षित रख सकते थे।कोल्ड स्टोरेज नहीं होने के कारण टमाटर, आलू, प्याज, फूलगोभी सहित अन्य सब्जियां कुछ ही दिनों में खराब हो जाती हैं।
सब्जी उत्पादक किसान गौतम सिंह, रामदयाल महतो, सुभाष महतो ने कहा कि सदर प्रखंड के सोन नदी के किनारे बसे 20 से अधिक गांव में हरी सब्जी की खेती बड़े पैमाने पर होती है इसके अलावे जिले के अन्य प्रखंडों में भी सब्जी की खेती हजारों किसान करते हैं। फूलगोभी की खेती अल्पकालिक होती है। इसमें किसानों को दो माह तक दिन-रात मेहनत करनी पड़ती है।
सबसे पहले बीज खरीदकर उसकी नर्सरी तैयार की जाती है। इसके बाद खेत तैयार कर पौधों की रोपाई की जाती है। पौधों में नियमित सिंचाई, सोहनी-कोढ़नी, जड़ों पर मिट्टी चढ़ाना, कीट लगने पर दवा व पाउडर का छिड़काव करना पड़ता है। इन सभी कार्यों के लिए मजदूर भी रखने पड़ते हैं।
किसानों के अनुसार फूलगोभी की एक एकड़ खेती पर करीब 50 से 60 हजार रुपये तक का खर्च आ जाता है, लेकिन एक साथ अधिक उत्पादन होने पर उचित दाम नहीं मिल पाते जिससे भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
उपज को औने पौने दाम पर बेचने को मजबूर किसान
किसानों को कभी मौसम की मार झेलनी पड़ती है तो कभी अधिक उत्पादन होने पर आलू और हरी सब्जी की फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पाता।स ड़ने के भय से मजबूरी में उन्हें अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ती है या फिर नष्ट करनी पड़ती है। वर्तमान में फूलगोभी और आलू उत्पादक किसान इसलिए परेशान हैं क्योंकि उन्हें लागत तक नहीं निकल पा रही है।
क्या कहते हैं पदाधिकारी?
जिला कृषि पदाधिकारी रंजीत कुमार झा ने बताया कि सरकार कोल्ड स्टोरेज के निर्माण पर किसानों को 35 प्रतिशत से अधिक अनुदान का लाभ दे रही है। जो किसान कोल्ड स्टोरेज बनवाना चाहते हैं, वे विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। अभी एक आवेदन आया है विभाग को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। वहीं, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी कुमारी संजू लता ने बताई की फूड प्रोसेसिंग के लिए एक तेल मिल का आवेदन आया है। |
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