जम्मू में 63 और श्रीनगर में 84 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं दर्ज की गईं।
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम ने अचानक करवट ली। जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं, भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कई जिलों में तेज रफ्तार आंधी चली, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। बर्फबारी के चलते श्री माता वैष्णो देवी मार्ग को यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रास्ता बंद कर दिया गया है। वहीं पत्नी टाप, नथाटाप, सनासर आदि में भारी बर्फबारी दर्ज की गई।
बीते 24 घंटों में सबसे तेज हवाएं शोपियां में 155 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलीं। इसके अलावा पुंछ में 80, रियासी में 76, जम्मू में 63 और श्रीनगर में 84 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं दर्ज की गईं।
भारी वर्षा के आंकड़े मिमी में
ऊधमपुर में 77 मिमी, जम्मू में 69 मिमी, कटड़ा में 79 मिमी, सांबा में 63 मिमी, राजौरी में 56 मिमी, श्रीनगर में 37 मिमी और काजीगुंड में 45 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी देखने को मिली। गुलमर्ग में 45 सेमी, शोपियां में 55 सेमी, सोनमर्ग में 15 सेमी, पहलगाम में 17 सेमी, कुपवाड़ा में 20 सेमी, बनिहाल में 16 सेमी और कुलगाम में 15 सेमी तक बर्फ जमी है।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 23 डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह, पीर-पंचाल क्षेत्र और दक्षिण कश्मीर के कुछ जिलों में आज शाम तक हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश, बर्फबारी की संभावना है।इसके बाद मौसम में सुधार के आसार हैं।
24-25 जनवरी को छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। 26-27 जनवरी को अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, बर्फबारी की संभावना है जबकि 26 जनवरी की रात से 27 जनवरी तक कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।28 से 31 जनवरी मौसम आंशिक रूप से साफ रहने की संभावना है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने पीर-पंचाल रेंज, चिनाब वेली और दक्षिण कश्मीर के कुछ जिलों में तेज हवाओं, ओलावृष्टि तथा भारी बारिश, बर्फबारी को लेकर अलर्ट जारी किया है।संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक न हो तो यात्रा से बचने की सलाह दी है। वहींए किसानों को इस अवधि के दौरान कृषि कार्य स्थगित रखने की हिदायत दी गई है। |