बीसीसीएल अधिकारियों के साथ मारपीट की सूचना के बाद एनटीएसटी परियोजना पहुंचे संजीव सिंह, झरिया विधायक रागिनी सिंह और अन्य।
जागरण संवाददाता, झरिया (धनबाद)। कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई बीसीसीएल की नोर्थ तिसरा–साउथ तिसरा विभागीय परियोजना (एनटीएसटी) में आउटसोर्सिंग कंपनी एटी देवप्रभा द्वारा कथित रूप से रास्ता काटे जाने के बाद उपजा विवाद अब हिंसक रूप ले चुका है। मामले में मारपीट का आरोप आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मियों पर लगा है। घटना के बाद मजदूर संगठनों में आक्रोश फैल गया है और कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है। मजदूर नेताओं का आरोप है कि परियोजना को बंद कराने की साजिश के तहत जानबूझकर माहौल खराब किया जा रहा है।
संजीव सिंह का माइंस पर पहुंचना
बीसीसीएल अधिकारियों पर हमले की सूचना मिलने के बाद झरिया की विधायक रागिनी सिंह के पति व पूर्व विधायक संजीव सिंह एनटीएसटी परियोजना की माइंस पर पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि झरिया के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे कोई कितना भी करीबी या रिश्तेदार क्यों न हो, गांव की रिश्तेदारी गांव तक ही सीमित रहेगी। झरिया को उजाड़कर धनबाद में राजनीति चमकाने की कोशिश किसी भी हाल में सफल नहीं होने दी जाएगी।
कंपनी मालिक को कड़ी चेतावनी
पूर्व विधायक संजीव सिंह ने आउटसोर्सिंग कंपनी के मालिक एलबी सिंह को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि कंपनी अपनी हद में रहकर काम करे। उन्होंने कहा कि झरिया के मजदूरों का बाप बनने की कोशिश न करे। अगर ऐसी कोशिश की गई तो उसे धनबाद छोड़कर जाना पड़ेगा। संजीव सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी तत्व निजी फायदे और राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए झरिया को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। झरिया की जनता ऐसी किसी भी साजिश को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
संजीव सिंह ने कहा कि रंगदारी, दबंगई और अवैध हस्तक्षेप की राजनीति को जड़ से खत्म किया जाएगा। मजदूरों के शोषण को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे इसके लिए कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उन्होंने तिसरा थाना प्रभारी को भी कड़ी फटकार लगाई। पूर्व विधायक के इस बयान के बाद राजनीतिक और औद्योगिक क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। |
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