प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर पुनर्विकास कार्य कराएं जा रहे हैं। इसके तहत हर प्लेटफॉर्म पर कॉनकोर्स बनाया जाएगा। फिलहाल प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ही कॉनकोर्स है। कानकोर्स बनने से प्लेटफॉर्मों पर त्योहार, परीक्षाओं व अन्य आयोजनों पर भीड़ बढ़ने पर उसका प्रबंधन किया जा सकेगा।
कॉनकोर्स वह स्थान होता है, जहां यात्री प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से पहले स्वजन, सह यात्रियों की प्रतीक्षा करते हैं। भीड़ अधिक होने पर उस स्थान पर रोका जाता है।
अमृत भारत योजना के तहत सेंट्रल स्टेशन पर पुनर्विकास कार्य किए जा रहे हैं। इनकों वर्ष 2027 तक पूरा करना है। सेंट्रल स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यहां एक ओर से प्रवेश तथा दूसरी ओर से निकास की व्यवस्था रहेगी।
सेंट्रल स्टेशन से परीक्षाओं, होली, दीपावली सहित अन्य त्योहारों पर बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। उनको नियंत्रित करने के लिए रेलवे अधिकारियों, आरपीएफ व जीआरपी को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
सेंट्रल स्टेशन के बाहर होल्डिंग एरिया बनाने पड़ते है। अब हर प्लेटफॉर्म पर कानकोर्स होने से यात्रियों की भीड़ होने पर भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सेंट्रल स्टेशन पर अंदर जाने व बाहर निकलने का अलग-अलग मार्ग होगा। जिस मार्ग से यात्री अंदर जाएंगे, उस मार्ग से उनकी वापसी नहीं होगी, इससे भगदड़ जैसी स्थिति नहीं बनेगी।
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