इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
अमित कुमार, रामगढ़वा (पूर्वी चंपारण)। कृत्रिम लाइटों से सजी बिजली की चकाचौंध रोशनी होगी। फूलों से सजा मंडप होगा। जहां शहनाई की गुंज और ढोल तासे की धुन पर बराती और सराती थिरकेंगे। इसके लिए गांव से शहर नहीं आना होगा। अब गरीब और आर्थिक रुप से कमजोर लोगों के बिटियां की शादी भी विवाह मंडप में होगी।
इसके लिए बिहार सरकार के द्वारा पंचायतों में विवाह मंडप बनाए जाने की कवायद शुरु की गई है। जिसके लिए अग्रिम के रुप में चयनित पंचायतों में पांच-पांच लाख रुपए अग्रिम राशि भेज दी गई है। यह कार्य बिहार सरकार पंचायती राज विभाग के तहत मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना अंतर्गत राज्य के सभी 8053 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से होगा।
इसके तहत प्रखंड के दस पंचायतों में विवाह मंडप निर्माण कराने के लिए सरकार की तरफ से प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। जिसमें पहले फेज में प्रखंड क्षेत्र के बैरिया, पटनी, बेला, अधकपरिया, धनहर दिहुली, आमोदेई, रघुनाथपुर, सकरार, जैतापुर एवं अहिरौलिया में विवाह मंडप बनेगा।
इसके लिए पंचायतों में पांच-पांच लाख रुपए अग्रिम राशि भी सरकार के तरफ से आवंटित कर दी गयी है। इसकी जानकारी देते हुए बीडीओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि विवाह मंडप का निर्माण पंचायत के माध्यम से ही कराना है। जिसके लिए 10 पंचायतों में भूमि आवंटित भी कर दी गयी है।
उन्होंने बताया कि एक विवाह भवन के लिए 13 हजार स्क्वायर फीट जमीन की ही जरुरत है। वहीं बीपीआरओ इंद्रजीत दास ने बताया कि ग्राम पंचायतों में विवाह मंडप के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों के आमजनों की सामाजिक, सांस्कृतिक उद्देश्यों की पूर्ति हो सकेगी। साथ ही साथ उन्हें आर्थिक रुप से सहयोग प्राप्त होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह मंडप के निर्माण से न केवल सामाजिक और सांस्कृतिक आवश्यकताओं की पूर्ति होगी बल्कि ग्राम पंचायत के आर्थिक विकास, सामुदायिक एकता और पर्यावरण संरक्षण में भी बढ़ावा मिलेगा।
योजना के अंतर्गत मिलने वाली सुविधा
विवाह भवन तैयार हो जाने पर हर पंचायत में हर गरीब परिवारों को शादी के लिए मुफ्त भवन की सुविधा मिलेगी। इसका लाभ सभी जाति और धर्म के लोग उठा सकते हैं। संचालन की जिम्मेदारी जीविका दीदी की होगी। जीविका दीदी के जिम्मे भवन की देखरेख, साफ सफाई और बुकिंग करने की होगी।
कहते है अधिकारी
बीडीओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि विवाह मंडप का निर्माण पंचायत के माध्यम से होगा। इसके लिए 10 पंचायतों में भूमि आवंटित हो गया है। ग्राम पंचायतों में विवाह मंडप के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों के आमजनों की सामाजिक, सांस्कृतिक उद्देश्यों की पूर्ति हो सकेगी |