प्राइवेट सेक्टर के कर्माचारियों को मिलेगा ESI का लाभ। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में दस या इससे अधिक कर्मचारियों वाले निजी प्रतिष्ठानों को कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआइ) का लाभ अनिवार्य रूप से देना होगा। अभी तक अपने कर्मचारियों का ईएसआइ बीमा नहीं कराने वाले नियोक्ताओं को 31 जनवरी तक का समय दिया गया है। इसके बाद न केवल ऐसे नियोक्ताओं से ब्याज और जुर्माना वसूला जाएगा, बल्कि उन्हें पिछला अंशदान भी देना होगा।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने उद्योगों और निजी प्रतिष्ठानों में लगे कर्मचारियों और श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित करने के लिए नियोक्ता और कर्मचारी पंजीकरण प्रोत्साहन योजना (एसपीआरईई) शुरू की थी। इसकी अंतिम समय सीमा 31 दिसंबर 2025 रखी गई थी, जिसे अब 31 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है।
ऐसे करा सकते हैं पंजीकरण
इसका उद्देश्य अधिक से अधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा दायरे में लाना है और उद्योगों को मुकदमेबाजी के बोझ से राहत प्रदान करना है। इस योजना के तहत जो उद्योग और कर्मचारी अभी तक ईएसआइसी से संबद्ध नहीं हैं, वे पुराने बकाये की मांग के बिना ईएसआइ पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल और कंपनी मामलों के पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
एसपीआरईई-2025 के अंतर्गत पंजीकरण कराने वाले नियोक्ताओं को पंजीकरण की तिथि या उनके द्वारा घोषित तिथि से ही इसके अंतर्गत माना जाएगा और नए पंजीकृत कर्मचारियों को पंजीकरण की तिथि से ही ईएसआई स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेंगे।
एमनेस्टी योजना 30 सितंबर तक प्रभावी
इस योजना में दंडात्मक उपायों की बजाय स्वैच्छिक अनुपालन पर जोर है। इसका उद्देश्य मुकदमेबाजी में कमी लाना, औपचारिक पंजीकरण को प्रोत्साहित करना और नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों के बीच आपसी विश्वास एवं सहयोग का माहौल निर्मित करना है।
वहीं, एमनेस्टी योजना 30 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। यह एकमुश्त विवाद समाधान पहल है, जो हर्जाने, ब्याज और ईएसआइ अधिनियम के तहत आने वाले मुद्दों को सुलझाने के लिए तैयार की गई है।
इस योजना का मकसद नियोक्ताओं को लंबित विवादों को सुलझाने और अनुपालन में सुधार के अवसर प्रदान करना है। इससे मुकदमों की संख्या में कमी आएगी और कर्मचारियों को सुचारू रूप से सामाजिक सुरक्षा लाभ सुनिश्चित होंगे। |
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