संवाद सूत्र, ऊसराहार। क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत एवं नए दाखिले के लिए पात्र सैकड़ों बच्चे पिछले तीन माह से जन्म प्रमाणपत्र न बनने के कारण परेशानी झेल रहे हैं। शासन के निर्देशानुसार परिषदीय विद्यालयों में दाखिले के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है, जबकि बिना जन्म प्रमाणपत्र के आधार कार्ड बनना संभव नहीं है। ऐसे में बच्चों का न तो दाखिला पूर्ण हो पा रहा है और न ही उन्हें डीबीटी के माध्यम से ड्रेस, जूते-मोजे व अन्य आवश्यक सामग्री का लाभ मिल पा रहा है।
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों ने अभिभावकों से आवश्यक कागजात एकत्र कर बीआरसी के माध्यम से जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ब्लाक मुख्यालय भिजवाए थे। बावजूद इसके अधिकारियों की हीलाहवाली और आपसी समन्वय की कमी के चलते करीब 300 बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र अब तक नहीं बन सके हैं।
नहीं जारी हो सके प्रमाण पत्र
इस संबंध में सहायक लेखाकार विपिन कुमार ने बताया कि उनके द्वारा लगभग तीन माह पूर्व सभी प्रपत्र ब्लाक मुख्यालय पर रिसीव कराए गए थे, लेकिन अभी तक प्रमाणपत्र जारी नहीं हो सके हैं। वहीं ब्लाक कार्यालय के डाक बाबू साकिर हुसैन का कहना है कि फार्म मिलने के बाद सभी पंचायत सचिवों को वितरित कर दिए गए थे, जिन्हें रिपोर्ट लगाकर एडीओ पंचायत कार्यालय में जमा करना था। एडीओ पंचायत भगवान दास ने बताया कि उन्हें करीब 10 दिन पूर्व ही कुछ फार्म प्राप्त हुए हैं, शेष अभी तक नहीं पहुंचे हैं।
इस पूरे मामले पर एसडीएम श्वेता मिश्रा ने स्पष्ट किया कि ब्लाक मुख्यालय से जन्म प्रमाणपत्र संबंधी फार्म तहसील को प्राप्त नहीं हुए हैं। जैसे ही फार्म मिलेंगे, प्रमाणपत्र जारी कर दिए जाएंगे। |