प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दो माह में नए मॉडल में सिटी स्टेशन तैयार हो जाएगा। इससे स्टेशन पर तमाम तरह की यात्री सुविधाएं बढ़ जाएगी। रेलवे ने सिटी स्टेशन को संवारने के लिए 14.81 करोड़ रुपये जारी किया था।
स्टेशन के सौंदर्यीकरण का कार्य पिछले दो वर्षों से किया जा रहा है। भवन के सौंदर्यीकरण के लिए पिलर खड़ा कर उस पर एपीसी व रंगीन लाइट लगा दी गई है। प्लेटफॉर्म एक, दो, तीन, चार व पांच पर पैसेंजर शेल्टर बनाया गया है। एप्रोच रोड के चाैड़ीकरण के लिए कर्मचारियों के लिए बनी कॉलोनी की चहारदीवारी को गिराकर ढलाई का कार्य पूरा कर लिया गया है।
मार्ग की चौड़ाई 10.25 मीटर कर दी गई है। सर्कुलेटिंग एरिया को उच्चीकृत करनें का कार्य पूरा कर लिया गया है। स्टेशन पर लगे फ्लैग होस्टिंग टावर को वहां से रिप्लेस कर के आगे बढ़ा दिया गया है।
इसके बाद स्टेशन का बाहरी आउटलुक बदल दिया गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत सिटी स्टेशन पुनर्विकसित कर यात्रियों को अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं प्रदान करने के लिए तैयार हो रहा है। स्टेशन पर शहर की कला एवं संस्कृति को समाहित करते उसके स्वरूप को विकसित करने का कार्य तेजी से चल रहा है।
पैदल यात्रियों के लिए बना पाथ-वे
अमृत भारत योजना के अंतर्गत 1.60 करोड़ की लागत से गाजीपुर सिटी स्टेशन के सरकुलेटिंग एरिया, संपर्क मार्ग, पानी की निकासी के साथ पैदल आने-जाने वाले यात्रियों के लिए पाथवे का निर्माण कराया गया है। इसके बाद यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में सुविधा हो गई है।
बदला स्टेशन का फ्रंट नक्शा
1.20 करोड़ की लागत से स्टेशन भवन को आकर्षक बनाया जा रहा है। इसमें 25 लाख की लागत से पोर्च का निर्माण कराया गया है। 50 लाख की लागत से आगमन-प्रस्थान भवन तथा नई दो पहिया, तीन पहिया एवं चार पहिया वाहनों हेतु पार्किंग का निर्माण कराया जा रहा है। 1.50 करोड़ की लागत से अन्य सौंदर्यीकरण के कार्य हो रहे है।
ऊंचे हुए प्लेटफार्म
4.71 करोड़ की लागत से प्लेटफॉर्म का उच्चीकरण, सरफेस में सुधार, प्लेटफॉर्मों पर शेड का कार्य पूरा कर लिया गया है। अभी फॉल्स सीलिंग का कार्य कराया जाना है। इससे गर्मी के दिनों में शेड में बैठने वाले यात्रियों को गर्मी का एहसास नहीं होगा।
यात्रियों के लिए बना एसी प्रतीक्षालय
22 लाख की लागत से यात्री प्रतीक्षालय में सुधार कर आकर्षक एवं सुविधाजनक बनाया गया है। प्रतीक्षालय एसी युक्त हो गए है। इसी के साथ बाहर से आने वाले यात्रियों को रात में ठहरने के लिए दो बेड का डॉरमेट्री की सुविधा बनाई गई है। रात में ठहरने की सुविधा के लिए यात्री के पास रिजर्वेशन का टिकट होना अनिवार्य होगा।
बदले गए ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड
92 लाख की लागत से ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड, डिजिटल क्लॉक, ऑटो एनाउंसमेंट एवं अनारक्षित एवं आरक्षित टिकट कांउटरों में सुधार किया गया। लेकिन अभी ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड को चालू नहीं किया गया है।
हाई मास्ट लाइटों से चमक रहा स्टेशन परिसर
1.78 करोड़ की लागत से स्टेशन पर हाई मास्ट, एलटी पैनल, ट्रांसफार्मर, साइनेज, लाइटिंग एवं पंखे की व्यवस्था कराई गई है। इसके बाद स्टेशन का रुप बदला-बदला दिख रहा है। रात के समय लोग रंगबिरंगी लाइटो संग स्टेशन पर अपनी सेल्फी ले रहे हैं।
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