विकास और रोजगार से बदलेगा बिहार, पांच साल में गरीबी का होगा अंत: मुख्यमंत्री। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, छपरा। समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को छपरा हवाई अड्डा पहुंचे। वहां से वह सदर प्रखंड परिसर पहुंचे, जहां स्थित सिलाई केंद्र का उद्घाटन व विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद सभास्थल बिनटोलिया के निर्माणाधीन बस स्टैंड परिसर में विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करने के बाद सभा को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि विकास और रोजगार के बल पर बिहार का चेहरा तेजी से बदल रहा है। अगले पांच वर्षों में राज्य से गरीबी समाप्त कर दी जाएगी। केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है और शीघ्र ही देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में सात निश्चय-एक और 2020 में सात निश्चय-दो के माध्यम से राज्य में बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक विकास के बड़े कार्य किए गए। अब सात निश्चय-तीन के जरिए आम लोगों को विकास की प्रक्रिया में सीधे सहभागी बनाया जा रहा है। इससे योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2005 को एनडीए सरकार बनने के बाद बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ। इससे पहले भय, अराजकता और सामाजिक तनाव की स्थिति थी। समाज में विवाद और साम्प्रदायिक तनाव आम बात थी। लेकिन, अब राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल है। कब्रिस्तानों की घेराबंदी जैसे कदमों से सामाजिक विवादों में कमी आई है और लोग बिना डर के जीवन जी रहे हैं।
समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने सारण जिले के लिए 538 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की घोषणा की। इसमें 451 करोड़ रुपये की 45 योजनाओं का शिलान्यास और 87 करोड़ रुपये की 24 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं को तय समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने सदर प्रखंड कार्यालय परिसर में जीविका के तहत संचालित दीदी का सिलाई घर, प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र का उद्घाटन एवं निरीक्षण किया। यहां महिलाएं प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाओं ने बताया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से उन्हें रोजगार मिला है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
इसके लिए रोजगार के अवसर लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं का अवलोकन किया गया। जीविका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को परियोजनाओं और बैंकों के माध्यम से दो अरब सात करोड़ रुपये की सहायता दी गई। सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 400 से बढ़ाकर 1100 रुपये करने, कलाकार पेंशन योजना, किसान सलाहकारों के मानदेय में वृद्धि, मुख्यमंत्री रोजगार योजना सहित कई निर्णयों के लिए लाभुकों ने आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, छपरा के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन कर कक्षाओं और कार्यशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने नवनिर्मित भवन, क्लासरूम, मैकेनिकल, डीजल व इलेक्ट्रिक कार्यशालाओं का निरीक्षण और छात्रों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने छात्रों से प्रशिक्षण का भरपूर लाभ उठाने और बेहतर भविष्य के निर्माण की अपील की।
उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार मिलेगा। सरकार ने पिछले कार्यकाल में 10 लाख लोगों को नौकरी और 40 लाख को रोजगार उपलब्ध कराया है, जबकि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि रोड मैप से राज्य में अनाज, फल-सब्जी, दूध, अंडा, मांस और मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मछली उत्पादन ढाई गुना से अधिक बढ़ा है और बिहार इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना है। 2023 की जाति आधारित गणना में चिह्नित गरीब परिवारों के उत्थान के लिए सरकार हरसंभव सहायता कर रही है।
सड़क, पुल-पुलिया और आधारभूत संरचना के विकास से सारण सहित पूरे बिहार में विकास को नई गति मिली है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर, सारण सांसद राजीव प्रताप रुडी, सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। |
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