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दिल्ली पुलिस के आंकड़ों में राजधानी में क्राइम घटा, पर नाबालिगों का बढ़ता अपराध और झपटमारी बनी चुनौती

LHC0088 3 hour(s) ago views 1016
  



जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। Delhi Crime Data : राजधानी दिल्ली में अपराध पर पूरी तरह लगाम लगती नहीं दिख रही है। खासकर नाबालिगों की अपराधों में बढ़ती संलिप्तता चिंता का विषय बनी हुई है। चोरी, झपटमारी, उगाही और मारपीट जैसे मामलों में नाबालिगों की भूमिका लगातार सामने आ रही है, जिससे कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक ताने-बाने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

हालांकि दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में गंभीर अपराधों के मामलों में कुछ कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में जहां हत्या के कुल 504 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 491 रह गई।

इसी तरह हत्या के प्रयास के मामलों में भी गिरावट देखी गई। वर्ष 2024 में 898 मामले सामने आए थे, जो 2025 में घटकर 854 दर्ज हुए। महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़ों में भी गिरावट दर्ज हुई है। दुष्कर्म के मामलों में 2024 में दर्ज 2,076 मामलों के मुकाबले 2025 में 1,901 मामले सामने आए। इसके बावजूद कुछ अपराध ऐसे हैं, जो अब भी दिल्ली पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

  

खासतौर पर उगाही और झपटमारी की घटनाएं लगातार लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। वर्ष 2025 में उगाही के कुल 212 मामले दर्ज किए गए, लेकिन इनमें से केवल करीब 64 प्रतिशत मामलों को ही पुलिस सुलझा सकी। झपटमारी की बात करें तो बीते वर्ष राजधानी में झपटमारी की 5,406 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से लगभग 64 प्रतिशत मामलों का ही निपटारा हो सका।
नाबालिगों द्वारा बढ़ता अपराध चिंता का विषय

दिल्ली पुलिस अपराध में गिरावट का आंकड़ा दर्ज कर अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन नाबालिगों द्वारा बढ़ता अपराध अभी भी पुलिस व प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

बीते वर्ष के शुरुआती छह महीनों की बात करें तो नाबालिगों द्वारा किए गए हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट व झपटमारी आदि के 3,512 मामले दर्ज हुए थे और अपराध का ग्राफ बढ़ता गया। गैंग्स्टरों के प्रभाव में आकर नाबालिग क्षेत्र में अपना दबदबा बढ़ाने के लिए हथियारों के साथ वीडियो प्रसारित कर रहे हैं।
बीते वर्ष उत्तर पूर्वी दिल्ली में गैंगवार के चलते हत्याओं ने बढ़ाई चिंता

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बीते वर्ष गैंगवार और आपराधिक रंजिश से जुड़ी हत्याओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी। जाफराबाद, सीलमपुर, हर्ष विहार और आसपास के इलाकों में वर्चस्व की लड़ाई, पुरानी दुश्मनी और अवैध हथियारों के कारोबार के चलते कई वारदातें सामने आईं।

खासकर हाशिम बाबा, छेनू पहलवान, सलीम पिस्टल और अशोक प्रधान जैसे गैंग्स्टरों के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई में दिनदहाड़े गोलीबारी कर युवकों की हत्या की, कहीं चाकूबाजी और घात लगाकर हमले किए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि कई पीड़ित और आरोपित पहले से आपराधिक मामलों में शामिल रहे और स्थानीय गिरोहों के बीच लंबे समय से टकराव चल रहा था।
क्या कहते हैं दिल्ली पुलिस के आंकड़े?

    अपराध वर्ष 2023 वर्ष 2024 वर्ष 2025 सुलझाने की दर
   
   
   हत्या
   506
   504
   491
   95.32%
   
   
   हत्या का प्रयास
   757
   898
   854
   98.13%
   
   
   डकैती
   1,654
   1,510
   1,326
   97.51%
   
   
   दुष्कर्म
   2,141
   2,076
   1,901
   97.11%
   
   
   रंगदारी
   204
   228
   212
   63.68%
   
   
   झपटमारी
   7,886
   6,493
   5,406
   64.22%
   
   
   महिलाओं से छेड़छाड़
   2,345
   2,037
   1,708
   95.20%
   
   
   छेड़खानी
   381
   362
   337
   89.02%
  
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