पत्नी की मौत के वियोग में पति ने भी तोड़ा दम। सांकेतिक तस्वीर
संवाद सूत्र, बनियापुर (सारण)। बनियापुर प्रखंड के पुछरी गांव में घटी एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया। जीवनभर साथ निभाने वाले पति-पत्नी की जोड़ी मौत में भी एक-दूसरे से जुदा नहीं हो सकी।
65 वर्षीय रुंदा देवी के निधन की खबर जैसे ही उनके पति रामेश्वर साह तक पहुंची, वे गहरे सदमे में चले गए। ग्रामीण बताते हैं कि दोनों के बीच ऐसा प्रेम और लगाव था, जिसे शब्दों में बांधना मुश्किल है।
एक-दूसरे के बिना जीवन की कल्पना भी उन्होंने कभी नहीं की थी। अचानक तबीयत बिगड़ने पर रुंदा देवी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
मौत के बाद बार-बार बेसुध हो रहे थे रामेश्वर
पत्नी की मौत ने रामेश्वर साह को भीतर तक तोड़ दिया। वे बार-बार बेसुध हो रहे थे, मानो दिल यह सच्चाई स्वीकार ही नहीं कर पा रहा हो।
अंतिम संस्कार के लिए जब पत्नी की चिता सजाई गई और आग दी जा रही थी, उसी पल रामेश्वर साह की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
स्वजन कुछ समझ पाते, इससे पहले ही वे जमीन पर गिर पड़े। आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी भी सांसें थम गईं।
डॉक्टरों ने बताया कि अत्यधिक मानसिक आघात और हार्ट अटैक उनकी मौत का कारण बना। जिस श्मशान घाट पर कुछ देर पहले पत्नी की चिता जली थी, वहीं थोड़ी ही देर बाद पति की अर्थी भी पहुंच गई।
इस दर्दनाक दृश्य ने गांव के हर शख्स की आंखें नम कर दीं। पुछरी गांव में आज सन्नाटा है और हर जुबान पर बस एक ही बात—यह प्रेम था, जो मौत से भी हार नहीं माना। |
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