मोहाली में वीआईपी के घरों के बाहर से बुलडाेजर की मदद से कब्जों को हटाया गया।
जागरण संवाददाता, मोहाली। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम और गमाडा की ज्वाॅइंट टीम ने शहर में फुटपाथों पर अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया।
फेज-3बी1 से ये अभियान शुरू किया और फिर फेज-3बी2 में घरों के बाहर हुए अतिक्रमण को हटाया। एडीजीपी पंजाब, मोहाली पुलिस के एसपी, एक पीसीएस अधिकारी और एक मौजूदा जज समेत कई वीआईपी के घरों के बाहर से बुलडाेजर की मदद से कब्जों को हटाया गया।
फेज-3बी1 में जब टीमें कार्रवाई करने के लिए पहुंची तो कुछ ही देर में आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और निगम को कार्रवाई अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत पुलिस को सूचित किया गया।
सूचना के बाद मटौर थाना के एसएचओ रुपिंदर सिंह टीम के साथ पहुंचकर माहौल को शांत करवाया। एसएचओ ने विरोध कर रहे मकान मालिकों को समझाया कि सरकारी कार्रवाई में बाधा डालना कानूनन अपराध है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।
कार्रवाई रोकने के लिए बंदूक निकालने तक की धमकी
फेज-3बी2 में दो मकान मालिकों ने पहले निगम और गमाडा के अफसरों के साथ जमकर बहस की गई। देखते ही देखते एक मकान मालिक ने अपनी बंदूक निकालने तक की धमकी दे डाली, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेने का प्रयास किया और गाड़ी में बैठाया।
इस दौरान छोटा बच्चा आ गया और वह भी गाड़ी में पिता के साथ बैठने की जिद करने लगा। जिस पर पुलिस ने पिता को भी गाड़ी से बाहर निकाल दिया। इतने में विरोध कर रहे मकान मालिक ने टीम को समय देने के लिए और बोला कि वो खुद ही कब्जा हटा देंगे। निगम की टीम ने दो मकान मालिकों को एक दिन का समय देकर कार्रवाई को बंद कर दिया।
जिनके कब्जे हटाए उन्होंने पक्षपात का लगाया आरोप
निगम की टीम ने जब कुछ लोगों को कब्जे खुद ही हटाने का समय दे दिया तो जिन लोगों के पहले कब्जे जेसीबी की मदद से तोड़-फोड़ करके हटाए गए थे उन्होंने इसका विरोध करते कहा कि निगम और गमाडा की टीम ने रसूखदार लोगों का सहयोग करके आम लोगों के साथ पक्षपात किया जा रहा है। यदि कार्रवाई करनी है तो सभी पर एक बराबर कार्रवाई होनी चाहिए। |
|