जनवरी की ठंड में राजगीर जू सफारी बना पर्यटकों का हॉटस्पॉट
संवाद सहयोगी, राजगीर। इन दिनों वाइल्ड लाइफ जू सफारी के विभिन्न जंगली जानवरों को जनवरी माह के सर्द गुलाबी ठंड में सनबाथ के साथ मखमली धूप सेंकते देखा जा सकता है। सनबाथ के दौरान शेर, बाघ, तेंदुआ, भालू और विभिन्न प्रजातियों के हिरणों के झूंडों का विहंगम दृश्य जू सफारी के आकर्षण में चार चांद लगा रहा है।
प्रजनन, रेस्क्यू प्रक्रिया सह अनुकूल जलवायु से सफारी में जंगली जानवरों की संख्या में वृद्धि हो रही है तो वहीं शेर और दुर्लभ ब्लैक बक हिरणों के प्रजनन से वाइल्ड लाइफ जू सफारी जैव विविधता का सशक्त उदाहरण भी बन रहा है।
मौसम का लुत्फ ले रहे जानवर
गुनगुनी धूप में सनबाथ का आनन्द इन जानवरों को इतना बेफिक्र बना दिया है कि, आस पास से गुजरती पर्यटकों से भरी सफारी बस को नजरअंदाज करते दिख रहे हैं। वहीं शेर अपने परिवार तो भालू अपने साथियों के साथ बड़े मजे से इस मौसम का लुत्फ ले रहे हैं।
पंच पर्वतीय वनक्षेत्र श्रृंखला की गोद में वाइल्ड लाइफ सेंचुरी राजगीर स्थित जू सफारी जैव विविधता संरक्षण का केंद्र बन रहा है। जहां जनन-प्रजनन, रेस्क्यू प्रक्रिया सह अनुकूलन वातावरण से सफारी में जंगली जानवरों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
हिरणों की संख्या में बढ़ोतरी
पिछले वर्ष 2024 जनवरी में ब्लैक बक (काला हिरण) के शावक, तो वर्ष 2025 को नए मेहमानों में तेंदुआ शावक के रूप में दो शावकों को वाइल्ड लाइफ जू सफारी इनक्लोजर में छोड़ा गया है। इसी प्रकार से विभिन्न प्रजातियों के हिरणों में जारी प्रजनन से इन हिरणों की संख्या भी तेजी बढ़ रही है। जिसमें वाइल्ड लाइफ जू सफारी प्रबंधन द्वारा अनुकूलन वातावरण सह संरक्षण की अहम भूमिका है।
इस अनुकूल वातावरण में इन दिनों धूप सेंकते हिरणों के झुंड का विहंगम दृश्य सफारी भ्रमण को नयनाभिराम बना रही है।
मादा तेंदुए ने दो शावकों को दिया जन्म
बता दें कि बीते वर्ष 2023 के 04 सितंबर को बेतिया नामक मादा तेंदुए ने दो में से एक नर तो दूसरा मादा शावकों को जन्म दिया था। जन्म के वर्ष भर बाद इन दोनों शावकों को जू सफारी के इनक्लोजर में उतारा गया है। जहां इन दोनों की मासूमियत भरी अठखेलियां पर्यटकों का भरपूर मनोरंजन कर रही है।
अब जू सफारी के कार्निवरस (मांसाहारी) तथा हार्वीवरस (शाकाहारी) सफारी में जंगली जानवरों में प्रजनन से राजगीर वन्य प्राणी आश्रयणी सह अभयारण्य में बायोडायवर्सिटी यानी जैव विविधता प्रणाली बेहद मजबूत हो रहा है।
बियर सफारी में भालुओं की 10
बता दें कि सफारी के पांच विभिन्न जंगली जानवरों में बियर सफारी में भालुओं की संख्या अभी 10 है। इन स्लाॅथ प्रजाति के भालुओं को तमाशे वाले मदारी से रेस्क्यू कर तथा पटना जू से यहां लाया गया है। जिसमें भालूओं में भोला, पवन, ब्रज, बुद्धन नामक नर तथा सुंदरी, पवनी, नूर व बुद्धनी नामक मादा भालूओं को जोड़कर इनकी संख्या कुल 10 हो गई है।
बाघ की संख्या पांच
जबकि लेपर्ड सफारी में विराट, लैला व सुल्तान नामक तीन वयस्क तेंदुआ व दो शावको से तेंदुआ सफारी में इनकी संख्या पांच हो गई है। जबकि टाईगर सफारी में बाघ, बघीरा व अर्जुन नामक नर तथा स्वर्णा एवं देवी नामक मादा बाघ से इनकी संख्या पांच है। वहीं लायन सफारी में विशाल नामक नर तथा एल-वन, एल-टू तथा एल-फाइव नामक तीन मादा शेरनियां और दो शावकों को मिलाकर शेर नौ की संख्या में हैं।
ब्लैक बक की संख्या अब 10
वहीं हार्वीवरस (शाकाहारी) सफारी में विभिन्न हिरणों की संख्या लगभग साढ़े चार सौ से अधिक हो गई है। जिनमें ब्लैक बक नामक दुर्लभ हिरणों में नया मेहमान ब्लैक बक (कृष्ण मृग या काला हिरण) का नवजात (फाॅन) बच्चा भी आकर्षण का केंद्र है। इसके शिकार का मामला बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़ा रहा है। ब्लैक बक की संख्या अब 10 हो गई है।
पर्वतीय वनक्षेत्र की गोद में बसे वाइल्डलाइफ जू सफारी अनोखा दिखने के साथ उन्मुक्त वातावरण और उसमें उन्मुक्त विचरण करते विभिन्न प्रजातियों के हिरणों का झूंड वाला यह, नयनाभिराम दृश्य पर्यटकों को काफी लुभा रही है।
वाईल्ड लाईफ जू सफारी में विभिन्न वन्यजीव जन्तुओं के सफारी के आंकड़े-
- 20.54 हेक्टेयर में शेर सफारी
- 20.50 हेक्टेयर में बाघ सफारी
- 20.63 हेक्टेयर में तेंदुआ सफारी
- 20.60 हेक्टेयर में भालू सफारी
- 45.62 हेक्टेयर में क्रमश: हिरण, चित्तल व सांभर का हाॅर्विवरस सफारी
- 10.74 हेक्टेयर में विश्व के विभिन्न प्रजातियों के चिड़ियों का वर्ड एवियरी
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