LHC0088 • 3 hour(s) ago • views 335
ओडिशा हाईकोर्ट(फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, अनुगुल। ओडिशा उच्च न्यायालय ने अदालती आदेश की अवहेलना करने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य के उच्च शिक्षा सचिव अरविंद अग्रवाल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। न्यायमूर्ति आदित्य कुमार महापात्र की एकल पीठ ने विभाग द्वारा बार-बार आदेशों की अनदेखी किए जाने पर नाराजगी जताते हुए यह कार्रवाई की है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला उच्च शिक्षा विभाग के एक कर्मचारी की सेवा नियमितीकरण और बकाया वेतन के भुगतान से जुड़ा है। अदालत ने पूर्व में सचिव को निर्देश दिया था कि वे तय समय सीमा के भीतर इस मामले का निपटारा करें। हालांकि, विभाग की ओर से न तो आदेश का पालन किया गया और न ही अदालत में संतोषजनक जवाब पेश किया गया।
अदालत की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद अधिकारी ने न्यायपालिका के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया। हाईकोर्ट ने इसे \“अदालत की जानबूझकर की गई अवमानना\“ करार दिया।
कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वह सुनिश्चित करें कि सचिव को गिरफ्तार कर अगली सुनवाई की तारीख पर अदालत के समक्ष पेश किया जाए।
प्रशासनिक खेमे में हड़कंप
एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के खिलाफ इस तरह के कड़े आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश अन्य अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो अदालती आदेशों के कार्यान्वयन में ढिलाई बरतते हैं।
प्रमुख बिंदु
- मामला: अदालती आदेश की अवहेलना (कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट)।
- अधिकारी: अरविंद अग्रवाल, सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, ओडिशा।
- कार्रवाई: गैर-जमानती वारंट (नॉन बेलेबल वारंट) जारी।
- निर्देश: डीजीपी को सचिव की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश।
|
|