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मकानों पर लगाए लाल निशान।
जागरण संवाददाता, मथुरा। कृष्णानगर क्षेत्र में गोवर्धन ड्रेनेज (नाले) की भूमि पर हुए अवैध कब्जे को लेकर सिंचाई विभाग अब सख्त मूड में आ गया है। विभाग ने अतिक्रमण हटाने की उलटी गिनती शुरू कर दी है, इससे स्थानीय लोगों की नींद उड़ी है। सिंचाई विभाग ने 70 मकान स्वामियों को कब्जा हटाने का नोटिस थमाते हुए घरों पर लाल स्याही से क्रास के निशान लगा दिए हैं।
सिंचाई विभाग ने सात दिन में अतिक्रमण हटाने के लिए कहा
अपर खंड आगरा नहर द्वारा जारी नोटिस में खसरा संख्या 120 और 103 की जमीन सिंचाई विभाग के स्वामित्व की बताते हुए यहां के निवासियों को नोटिस जारी करते हुए सात दिन के अंदर अपना कब्जा हटाने के लिए कहा है। ऐसा न करने पर विभाग पुलिस के साथ अतिक्रमण हटाएगा और इसका पूरा खर्चा भी कब्जाधारकों से ही वसूला जाएगा।
नोटिस देने के बाद सिंचाई विभाग की टीम कर रही मकानों को चिन्हित
अपर खंड आगरा नहर के अधिशासी अभियंता नवीन कुमार ने बताया कि 23 जनवरी तक सभी चिह्नित मकानों पर नोटिस चस्पा करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। 24 जनवरी से पुलिस और प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटाया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
यह पूरा विवाद गोवर्धन ड्रेनेज (नाले) और आगरा नहर की पटरी की जमीन से जुड़ा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल व हाई कोर्ट के जल निकायों और ड्रेनेज सिस्टम को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देशों के बाद सिंचाई विभाग सक्रिय हुआ। यह भूमि सिंचाई विभाग के रिकार्ड में दर्ज है। करीब 30-40 साल पहले लोगों ने यहां पक्के निर्माण कर लिए, जिन्हें अब ड्रेनेज एक्ट और सरकारी संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत अवैध माना गया है। |
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