पढ़ाई के दबाव में 12वीं के छात्र ने फंदा लगाकर दी जान। सांकेतिक फोटो
जागरण संवाददाता, झज्जर। क्षेत्र के गांव दुबलधन किरमान में एक 17 वर्षीय छात्र द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि छात्र पढ़ाई की वजह से मानसिक दबाव में था। जिस समय यह घटना हुई, छात्र घर पर अकेला था। सूचना मिलते ही बेरी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
बता दें छात्र एक निजी अकादमी में 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा था। बीते रविवार को उसकी मां मायके गई हुई थी और पिता हरिद्वार गए थे। घर पर मौजूद दादी भी कुछ समय के लिए दूसरे बेटे के घर गई थीं। इसी एकांत के दौरान छात्र ने घर की सीढ़ियों की रेलिंग से मफलर के सहारे फंदा लगा लिया।
जांच में सामने आया है कि छात्र इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर काफी सक्रिय था। वह नियमित रूप से रील बनाता था और अपने वीडियो दोस्तों के साथ साझा करता था। पुलिस उसके इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स की भी जांच कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
बेरी पुलिस के जांच अधिकारी संदीप ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने एफएसएल विशेषज्ञों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए और शव को फंदे से उतरवाकर झज्जर के सामान्य अस्पताल भेजा। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
ऐसी घटनाएं रोकने के लिए विशेषज्ञों की राय
संवाद बढ़ाएं: माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों से केवल अंकों पर बात न करें, बल्कि उनके मन की स्थिति को भी समझें। उन्हें एहसास कराएं कि परीक्षा जीवन का केवल एक हिस्सा है, पूरा जीवन नहीं।
अकेले न छोड़ें: यदि बच्चा पहले से तनाव में दिख रहा हो, तो उसे लंबे समय तक घर में अकेला न छोड़ें।
डिजिटल डिटाक्स: इंटरनेट मीडिया पर बिताए जाने वाले समय की निगरानी करें। रील और लाइक्स की दुनिया से बाहर वास्तविक मित्रों और परिवार के साथ समय बिताना मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
प्रोफेशनल हेल्प: यदि बच्चा गुमसुम रहने लगे या उसके व्यवहार में अचानक बदलाव आए, तो तुरंत किसी मनोवैज्ञानिक की सलाह लें। |
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