सिमलीपाल टाइगर रिजर्व में लहलहा रहे अफीम के पौधे।
जागरण संस, अनुगुल। एशिया के विशाल बायोस्फीयर रिजर्व में से एक, सिमलीपाल टाइगर रिजर्व (STR) के भीतर चल रहे अवैध मादक पदार्थों के बड़े नेटवर्क का पुलिस और वन विभाग ने पर्दाफाश किया है। संयुक्त अभियान के दौरान टीम ने संरक्षित क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में लहलहा रही 1.91 करोड़ रुपये की अफीम की खेती को नष्ट कर दिया है।
ड्रोन कैमरों से हुई \“नार्को-नेटवर्क\“ की पहचान पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भू-माफिया और नशा तस्करों ने सिमलीपाल के जेनाबिल रेंज में अफीम उगाई है। पैदल पहुंचना मुश्किल होने के कारण, बारीपदा पुलिस, आबकारी विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने पहले ड्रोन कैमरों का सहारा लिया। ड्रोन फुटेज में अफीम के लहलहाते खेत दिखने के बाद ऑपरेशन की रणनीति तैयार की गई। छापेमारी के दौरान टीम ने देखा कि अभ्यारण्य के भीतर लगभग 10 एकड़ भूमि पर अवैध रूप से अफीम उगाई गई थी। अधिकारियों के अनुसार, नष्ट किए गए पौधों की संख्या हजारों में है। पुलिस ने न केवल फसल को जलाकर नष्ट किया, बल्कि तस्करों द्वारा वहां बनाए गए अस्थायी शेड और अवैध बुनियादी ढांचे को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
जांच के घेरे में \“लॉजिस्टिक्स\“ और बाहरी संलिप्तता इस मामले में एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की कड़़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि, घने जंगल का लाभ उठाकर आरोपी छापेमारी से पहले ही भागने में सफल रहे। पुलिस अब दो मुख्य बिंदुओं पर जांच कर रही है। पहला अति-सुरक्षित टाइगर रिजर्व के भीतर अफीम के बीज, खाद और उपकरण कैसे पहुंचे? और दूसरा इस गिरोह के तार किन अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों से जुड़े हैं? |