इस कटौती के पैसे को उन माता-पिता के अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तेलंगाना सरकार ने उन सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से 10 फीसदी कटौती करने का एलान किया है, जो अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करते हैं। सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार जल्दी ही इसके लिए कानून लेकर आएगी। रेड्डी ने कहा कि इस कटौती के पैसे को उन माता-पिता के अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा।
रेड्डी दिव्यांग व्यक्तियों को रेट्रोफिटेड मोटराइज्ड वाहन, बैटरी से चलने वाली तिपहिया साइकिल, बैटरी व्हीलचेयर, लैपटॉप, सुनने की मशीन, मोबाइल फोन और अन्य आधुनिक उपकरण बांटने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने ये घोषणाएं कीं।
डे-केयर सेंटर होगा स्थापित
उन्होंने बताया कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रणाम नाम से डे-केयर सेंटर भी स्थापित कर रही है। रेड्डी ने कहा कि 2026-2027 के बजट प्रस्तावों में एक नई स्वास्थ्य नीति पेश की जाएगी। इसके अलावा अगले चुनाव में सभी नगर निगम में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को को-ऑप्शन सदस्य के रूप में नॉमिनेट करने का भी एलान किया गया है।
सीएम रेड्डी ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों को शिक्षा और रोजगार में विशेष कोटा दिया गया है। तेलंगाना सरकार ने पहले ही नवविवाहित दिव्यांग व्यक्तियों को 2 लाख रुपये दिए जाने की घोषणा कर दी है। रेड्डी ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों को सभी क्षेत्रों में अवसर प्रदान करने की कोशिश की जा रही है।
रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना में पहली बार हुई जाति जनगणना सभी दूसरे राज्यों के लिए एक रोल मॉडल है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जनगणना के हिस्से के रूप में जाति जनगणना कराने पर सहमति तेलंगाना के दबाव में दी है। |